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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी: 660 मेगावाट की नई सुपरक्रिटिकल इकाई के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश, डायरेक्टर ने लिया जायजा – Madhya Pradesh Voice

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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी: 660 मेगावाट की नई सुपरक्रिटिकल इकाई के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश, डायरेक्टर ने लिया जायजा


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08/10/2026 12:58 PM Total Views: 486550

सारनी। मध्यप्रदेश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सारनी स्थित सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में निर्माणाधीन 660 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत इकाई का कार्य अब और अधिक तेज गति से होगा। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के डायरेक्टर कमर्शियल, मिलिंद भान्दक्कर ने सारनी पहुंचकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्यों का सघन स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्य में गति लाने के सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डायरेक्टर भान्दक्कर ने परियोजना के मुख्य निर्माण स्थल पर चल रहे विभिन्न कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। इस महत्वपूर्ण दौरे में उनके साथ कार्यपालक निदेशक (इंजीनियरिंग) वी.के. कैलासिया, मुख्य अभियंता (परियोजना उत्पादन) आर.के. खरे सहित मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मौके पर सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता सुशील लिल्होरे और प्रोजेक्ट एक्सपर्ट एस.एन. सिंह ने अब तक हुए निर्माण कार्यों की प्रगति और वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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बीएचईएल और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा 

स्थल निरीक्षण के पश्चात डायरेक्टर कमर्शियल ने ईपीसी ठेकेदार भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के प्रतिनिधियों और विद्युत गृह के विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में परियोजना की अब तक की प्रगति, आगामी कार्य योजना और निर्माण के दौरान आ रही तकनीकी, इंजीनियरिंग एवं लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया।

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बैठक के दौरान निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, कार्यों की प्राथमिकता तय करने और लंबित गतिविधियों को शीघ्र पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने परियोजना के महत्वपूर्ण कार्यों को तय समय के अनुसार आगे बढ़ाने और निर्माण प्रक्रिया में आ रही बाधाओं का शीघ्र निराकरण करने की रणनीति बनाई। कार्यपालक निदेशक (इंजीनियरिंग) वी.के. कैलासिया ने परियोजना से जुड़े इंजीनियरिंग पहलुओं की बारीकियां साझा कीं, वहीं मुख्य अभियंता आर.के. खरे ने आगामी कार्यों की रूपरेखा और निर्धारित समय-सीमा का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

तय समय पर ग्रिड से जोड़ने का लक्ष्य 

मिलिंद भान्दक्कर ने स्पष्ट किया कि 660 मेगावाट की यह सुपरक्रिटिकल इकाई मध्य प्रदेश के ऊर्जा परिदृश्य और आगामी जरूरतों के लिहाज से एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बीएचईएल प्रबंधन और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्माण की गति को कई गुना बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित एवं सूक्ष्म निगरानी की जाए और सामने आ रही किसी भी तकनीकी या अन्य बाधाओं का समय पर समाधान निकाला जाए। लक्ष्य यही है कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हो और इस नई इकाई को जल्द से जल्द पावर ग्रिड से जोड़कर प्रदेश को लाभान्वित किया जा सके।

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