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पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग ने किया बालिका गृह का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के दिए सख्त निर्देश – Madhya Pradesh Voice

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पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग ने किया बालिका गृह का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के दिए सख्त निर्देश


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21/07/2026 5:55 PM Total Views: 489935

बैतूल। जिले में बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण और उनके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मंगलवार को पुलिस तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने ‘बालिका गृह’ का सघन निरीक्षण किया। बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के सख्त निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संस्था में रह रही पीड़ित बालिकाओं के पुनर्वास और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जैमिनी हकीकत का मूल्यांकन करना था।

ग्राम भारती महिला मंडल द्वारा संचालित इस बालिका गृह में प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संस्था प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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इस महत्वपूर्ण संयुक्त निरीक्षण में दोनों विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से डीएसपी शैफा हाशमी,  जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ब्रजेश वर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी विनोद इब्ने

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सुविधाएं संतोषजनक, लेकिन सुरक्षा गार्ड की कमी पर टोका

संयुक्त दल ने बालिका गृह के भवन, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, आवास और अन्य दैनिक सुविधाओं की बारीकी से जांच की। जांच में परिसर की स्वच्छता और भवन की स्थिति सुरक्षित पाई गई। बालिकाओं को मिलने वाले पौष्टिक नाश्ते और दोनों समय के भोजन की व्यवस्था भी संतोषजनक मिली। उन्हें नियमित शिक्षा के लिए विद्यालय भी भेजा जा रहा है।

हालांकि, दल ने पाया कि सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों ने संस्था प्रबंधन को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और इसे और अधिक सुदृढ़ करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि इन संवेदनशील बालिकाओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

10 पीड़ित बालिकाओं का हो रहा है पुनर्वास

वर्तमान में इस संस्था में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग की कुल 10 बालिकाएं निवासरत हैं। यह वो बालिकाएं हैं जिन्हें पोक्सो (POCSO) अधिनियम के गंभीर मामलों, बाल विवाह की कुप्रथा, भिक्षावृत्ति जैसी अमानवीय परिस्थितियों से मुक्त कराकर यहां लाया गया है।

संस्था की प्रमुख भारती अग्रवाल ने निरीक्षण दल को बताया कि बालिका गृह का संचालन पूरी तरह से निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।

मानसिक आघात से उबारने के लिए काउंसलिंग की सुविधा

पीड़ित बालिकाओं को मानसिक आघात से बाहर निकालकर उन्हें सामान्य जीवन से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था में 6 सदस्यीय प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है, जिसमें एक फुल-टाइम काउंसलर भी शामिल है। इसके अलावा, बालिकाओं की स्थिति में सुधार के लिए समय-समय पर विशेषज्ञ मनोचिकित्सक द्वारा भी काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं।

आमजन से पुलिस की विशेष अपील

इस अवसर पर जिला पुलिस बैतूल ने समाज के सभी नागरिकों से एक भावुक और सशक्त अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बाल संरक्षण केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी नागरिक को किसी बालिका के साथ शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या मानव तस्करी जैसे किसी भी अपराध की भनक लगती है, तो वे तुरंत पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग या सीधे डायल-112 पर सूचना दें।

पुलिस का मानना है कि आम जनता द्वारा समय पर दी गई एक छोटी सी सूचना भी किसी मासूम बालिका का जीवन बचा सकती है और उसके भविष्य को उज्ज्वल बना सकती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


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