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कौन है योगेंद्र ठाकुर जो फर्जी लूटकांड के कथित चाणक्य संजीव त्रिपाठी को बचा रहे हैं? – Madhya Pradesh Voice

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कौन है योगेंद्र ठाकुर जो फर्जी लूटकांड के कथित चाणक्य संजीव त्रिपाठी को बचा रहे हैं?


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04/09/2026 11:11 AM Total Views: 465518

आदिवासी संगठन जयस नेता इस मामले को लेकर जिले में कर सकते हैं प्रदर्शन

सारनी पुलिस की थ्योरी पर वायरल वीडियो ने फेरा पानी, 4 बेकसूर युवकों को जेल भेजने के पीछे किसका हाथ?

सारणी। सारणी के बहुचर्चित लूटकांड का सच अब धीरे-धीरे सामने आने लगा है। इस मामले में सारणी पुलिस ने एक अधिकारी को बचाने के लिए चार युवकों पर लूट का प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था, लेकिन अब सामने आए वीडियो और ग्रामीणों के बताए अनुसार पुलिस की पूरी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस प्रेस नोट Vs ग्राउंड की हकीकत

बताया जा रहा है कि प्लांट में कार्यरत एसी हेड क्वार्टर के अधिकारी संजीव त्रिपाठी का अपनी महिला मित्र के साथ रात के समय दमुआ रोड तेंदूखेड़ा के पास सड़क से 100 मीटर अंदर जंगल में सरकारी गाड़ी में होना बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी दौरान गांव की एक महिला की नजर पड़ी और उसने गाड़ी में हो रही हलचल को देख गांव के युवकों को सूचना दी।

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युवकों का आरोप है कि मौके पर पहुंचने पर अधिकारी आपत्तिजनक स्थिति में थे और युवकों के हाथ-पैर जोड़कर पुलिस को न बुलाने की गुहार लगा रहे थे। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक अधिकारी को पुलिस के हवाले करने की बात कह रहे हैं। जबकि पुलिस में दर्ज शिकायत में अधिकारी द्वारा अपनी बहन के घर जुन्नारदेव से लौटते समय टॉयलेट करने के दौरान लूट होने की बात कही गई है। वीडियो में मिले प्रमाण और ग्रामीण इस कहानी को पूरी तरह से झूठा बता रहे हैं।

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इस मामले में योगेंद्र ठाकुर का नाम क्यों आ रहा है सामने?

इस पूरे मामले में अब नगर में चर्चा है कि विश्व हिंदू परिषद से जुड़े नेता योगेंद्र ठाकुर इस मामले में अधिकारी संजीव त्रिपाठी का खुलकर सहयोग कर रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि इस प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब गौवंश के बछड़ों के वध का मामला सामने आया था, तब संघ के पदाधिकारी में इस तरह की सक्रियता नहीं दिखी थी, लेकिन इस मामले में सक्रियता दिखाने से संगठन की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि हाल ही में संघ नेता पुत्र द्वारा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कोचिंग जाने वाली युवतियों को परेशान करने के मामले में वीडियो वायरल होने के बाद सारणी पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लिया था। तब 15 मिनट के भीतर 15 से अधिक संघ पदाधिकारी नेता पैरवी के लिए थाने पहुंच गए थे।

अब बड़ा सवाल यही है कि अगर 4 युवकों पर दर्ज लूट का मामला झूठा निकला तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। और वायरल वीडियो की सच्चाई की निष्पक्ष जांच कब होगी। आपत्तिजनक हालत में सरकारी कार में महिला मित्र के साथ पकड़े संजीव त्रिपाठी को आरएसएस के नेता क्यों बचा रहे हैं यह बात क्षेत्र वालों के गले नहीं उतर रही है। हालांकि इन सब हरकतों से संघ की अच्छी खासी छवि क्षेत्र में गिरती हुई नजर आ रही है।

आदिवासी संगठन आने वाले समय में मैदान में

आदिवासी परिवार से जुड़े चार बेकसूरों को तथाकथित झूठी फर्जी लूटपाट केस में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस मामले में वीडियो देखने के बाद जयस संगठन के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है आने वाले दिनों में आदिवासी संगठन जिले स्तर पर बड़ा आंदोलन कर अधिकारी संजीव त्रिपाठी एवं सारणी पुलिस की कार्य प्रणाली के खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रदर्शन कर सकते हैं।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


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