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मोरडोंगरी में नल-जल योजना के टैंक और बोर में घुल रहा गंदा पानी, ग्रामीणों पर मंडरा रहा हैजा-टाइफाइड का खतरा – Madhya Pradesh Voice

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मोरडोंगरी में नल-जल योजना के टैंक और बोर में घुल रहा गंदा पानी, ग्रामीणों पर मंडरा रहा हैजा-टाइफाइड का खतरा


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17/08/2026 6:08 PM Total Views: 489737

सारनी। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के विक्रमपुर पंचायत के अंतर्गत आने वाले मोरडोंगरी गांव में एक बहुत बड़ी और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। मुख्य सड़क पर शारदा ढाबे के सामने हो रहे जलभराव (Waterlogging) ने ग्रामीणों के लिए जीवन का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर बनाई गई ‘नल-जल योजना’ अब ग्रामीणों के लिए धीमी मौत का जरिया बनती जा रही है।

गंदे पानी की सप्लाई से मंडराया गंभीर बीमारियों का खतरा

ग्रामीणों के अनुसार, शारदा ढाबे के पास मुख्य सड़क पर लंबे समय से पानी का भारी जमावड़ा हो रहा है। इसी स्थान पर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नल-जल योजना का बोरवेल और पानी की टंकी बनाई गई है। बोरवेल और टैंक के आसपास जलभराव अधिक होने के कारण पानी का सीधा रिसाव टैंक और बोर के भीतर हो रहा है। सड़क पर फैली गंदगी, कीचड़ और दूषित पानी रिसकर सीधे नल-जल की टंकी और बोर में वापस जा रहा है। यही दूषित और बदबूदार पानी नल-जल योजना के पाइप नेटवर्क के जरिए गांव के घर-घर में सप्लाई हो रहा है, जिसे पीने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं।

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स्वास्थ्य पर मंडराता जानलेवा संकट

दूषित पेयजल के लगातार सेवन से क्षेत्र में गंभीर और घातक बीमारियों के फैलने की आशंका प्रबल हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह का गंदा पानी पीने से हैजा (Cholera), टाइफाइड, डायरिया (दस्त) और पेचिश (Dysentery), हेपेटाइटिस ए और पीलिया (Jaundice), पेट में कीड़े एवं अन्य संक्रामक बीमारियां गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

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गांव में कभी भी किसी बड़े जलजनित महामारी (Water-borne Epidemic) के फैलने का खतरा सिर पर मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं।

ग्राम पंचायत की उदासीनता और लापरवाही

सबसे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि इतनी गंभीर और जानलेवा समस्या सामने होने के बावजूद ग्राम पंचायत प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। पंचायत प्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस घोर लापरवाही के कारण ग्रामीणों की जिंदगी दांव पर लग गई है। पंचायत स्तर पर न तो सड़क के जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए कोई नाली या निकासी की व्यवस्था की गई है और न ही नल-जल योजना के टैंक की सुरक्षा व साफ-सफाई पर कोई ध्यान दिया जा रहा है।

इनका कहना है:—

नल जल योजना की टंकी और बोर के पास जल भराव हो रहा है। जल भराव को रोकने के लिए बजरी बिछाई जाएगी ताकि जल भराव ना हो सके। 

यशोदा मसकोले, सरपंच, विक्रमपुर पंचायत

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