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बैतूल में महाघोटाला: ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर 150 आदिवासियों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी, बैंक नोटिस मिलने पर पैरों तले खिसकी जमीन – Madhya Pradesh Voice

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बैतूल में महाघोटाला: ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर 150 आदिवासियों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी, बैंक नोटिस मिलने पर पैरों तले खिसकी जमीन


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27/01/2026 8:01 PM Total Views: 492136

बैतूल (मध्य प्रदेश)। जिले में आदिवासियों के भोलेपन और अशिक्षा का फायदा उठाकर एक सुनियोजित और बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे करीब 150 आदिवासी परिवारों की व्यथा ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर इन गरीब परिवारों के सिर पर लाखों का कर्ज मढ़ दिया गया, जबकि हकीकत में न उन्हें कभी ट्रैक्टर मिला और न ही उन्होंने कभी उसकी स्टेयरिंग थामी।

साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ और ठगी का तरीका

ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार राजेश बिजायकर नामक व्यक्ति है। आरोपी ने अत्यंत शातिराना तरीके से साजिश रची है। राजेश ने ग्रामीणों को झांसा दिया कि वह उनके आधार कार्ड और दस्तावेजों पर बैंक से ट्रैक्टर फाइनेंस करवाएगा। उसने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि ट्रैक्टर दो साल तक उसके (राजेश के) पास रहेंगे और उन ट्रैक्टरों की सारी किस्तें भी वही चुकाएगा। भोले-भाले ग्रामीणों से कोरे फॉर्म और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर/अंगूठे लगवा लिए गए। फाइनेंस होने के बाद ट्रैक्टर सीधे आरोपी ने अपने कब्जे में ले लिए, जबकि कर्ज का मीटर गरीब आदिवासियों के नाम पर शुरू हो गया।

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जब घर पहुंचे बैंक के वसूली नोटिस

इस धोखाधड़ी का भंडाफोड़ तब हुआ जब अचानक पीड़ितों के घरों पर बैंकों से किस्तों की वसूली के नोटिस (Recovery Notices) पहुंचने लगे। यह देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। जब वे पता करने गए तो मालूम चला कि उनके नाम पर लाखों रुपये के ट्रैक्टर फाइनेंस हो चुके हैं और किस्तें न चुकाने के कारण वे अब बैंक के कर्जदार बन चुके हैं।

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प्रशासनिक उदासीनता: 24 दिसंबर की शिकायत पर ‘खामोशी’

मामले का सबसे दुखद पहलू प्रशासनिक लापरवाही है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने 24 दिसंबर 2024 को जनसुनवाई में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। बावजूद इसके, प्रशासन ने न तो आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही बैंकों की वसूली पर रोक लगाई। कार्रवाई न होने से आरोपी के हौसले बुलंद हैं, वहीं पीड़ित मानसिक तनाव में हैं।

कांग्रेस के नेतृत्व में दोबारा लामबंद हुए पीड़ित

न्याय न मिलने से हताश ग्रामीणों ने मंगलवार को महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा पंद्राम के नेतृत्व में मोर्चा खोला। जियालाल शंकर धुर्वे, संतोष वीरेलाल, दशरथ मालतीसिंह, मानसिंह हीरालाल, भगवतसिंह रनु बाकरकर और रमनिकसिंह मंगलीसिंह समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से दोबारा मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पुष्पा पंद्राम ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आदिवासियों को जल्द न्याय नहीं मिला, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

पीड़ितों की प्रमुख मांगें है कि मुख्य आरोपी राजेश बिजायकर के खिलाफ धोखाधड़ी (420) और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी हो। और बैंकों द्वारा भेजे जा रहे वसूली नोटिसों और दबाव को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। ताकि पीड़ितों के नाम पर खरीदे गए ट्रैक्टरों को आरोपी के कब्जे से जब्त किया जाए।

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