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‘कफ सिरप कांड’ पर मोहन सरकार का ऐतिहासिक एक्शन: ड्रग कंट्रोलर सहित 4 बड़े अफसर निलंबित, घर-घर से ‘कोल्ड्रिफ’ रिकवर करने का अभियान शुरू – Madhya Pradesh Voice

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‘कफ सिरप कांड’ पर मोहन सरकार का ऐतिहासिक एक्शन: ड्रग कंट्रोलर सहित 4 बड़े अफसर निलंबित, घर-घर से ‘कोल्ड्रिफ’ रिकवर करने का अभियान शुरू


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06/10/2025 7:11 PM Total Views: 421263

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: घर-घर से दवा रिकवर करने का अभियान

भोपाल/छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा देने वाले ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप कांड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कठोर और ऐतिहासिक एक्शन लिया है। मासूम बच्चों की मौतों के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है, जिसमें ड्रग कंट्रोलर सहित चार प्रमुख अफसर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें छिंदवाड़ा प्रकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में, औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद कुमार जैन और उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन शोभित कोस्टा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए, आईएएस अधिकारी और ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य का भी तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:

  • ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप पर प्रतिबंध: कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और दुकानों में उपलब्ध समस्त स्टॉक को जब्त किया जाए।
  • सघन रिकवरी अभियान: छिंदवाड़ा और आसपास के उन सभी जिलों में, जहाँ परिवारों ने यह दवा खरीदी है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए एक सघन अभियान चलाया जाए। इस अभियान में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं सहित सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए।
  • अन्य दवाओं की जांच: ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप के अलावा पिछले दिनों क्षेत्र में बिकने वाली अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
  • चेतावनी लेबल की जांच: दवाओं पर आवश्यक चेतावनी और सावधानियां लिखी जा रही हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए एक व्यापक अभियान आरंभ किया जाए। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • डॉक्टरों पर भी कार्रवाई: चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ‘कॉम्बिनेशन ड्रग’ नहीं देने की व्यवस्था है। जो डॉक्टर इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने परिजनों से भेंट कर बांटा दुःख:

इस गंभीर संकट के बीच, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को छिन्दवाड़ा जिले की न्यूटन चिखली नगर परिषद और परासिया मैगजीन लाइन भी पहुंचे। वहां उन्होंने कफ सिरप प्रकरण में अपने मासूम बच्चों को खोने वाले परिजनों से भेंट कर उनका दुःख बांटा। मुख्यमंत्री ने मासूमों के असमय निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए सभी को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

जागरूकता और अंतर-राज्यीय समन्वय:

मुख्यमंत्री ने इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स सहित चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। डॉ. यादव ने ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की निर्माता कंपनी पर कार्रवाई के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को घटनाक्रम से अवगत कराने के निर्देश भी दिए।

विस्तृत जांच और परिणाम:

बैठक में बताया गया कि छिंदवाड़ा से गंभीर प्रकरणों की जानकारी मिलते ही राज्य स्तर से चिकित्सकों का दल तत्काल छिंदवाड़ा भेजा गया था। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) का भी जांच में सहयोग लिया गया। आठ मरीजों की जांच के लिए उनके नमूने पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए, साथ ही छिंदवाड़ा से विभिन्न दवाओं के सैम्पल लेकर उनकी जांच कराई गई।

छिंदवाड़ा और परासिया के निजी चिकित्सकों, अस्पतालों और केमिस्टों के साथ बैठक कर स्थिति का आकलन किया गया और उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में सलाह दी गई। छिंदवाड़ा जिले में प्रभावित मरीजों को चिन्हित करने के लिए सर्वे आरंभ किया गया और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को आगे के इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नागपुर के लिए रैफर किया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर दवा पर प्रतिबंध लगाया गया तथा अस्पतालों और केमिस्टों के निरीक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई।

तमिलनाडु में निर्माता पर FIR और बिक्री पर प्रतिबंध:

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और हिमाचल प्रदेश व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को भी इस संबंध में सूचना दी गई थी। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर से ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाए जाने पर, त्वरित कार्रवाई करते हुए सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया। साथ ही, अधिकांश मरीजों को ‘कोल्ड्रिफ’ दवा लिखने तथा अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से ‘कोल्ड्रिफ’ दवा की बिक्री कराने वाले डॉक्टर के निलंबन और दवा निर्माता के विरुद्ध FIR दर्ज करने की भी कार्रवाई की गई है।

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