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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में सुरक्षा में सेंध? सुरक्षा अधिकारी पर रिश्वत लेकर रात में कबाड़ ट्रक निकालने का आरोप, नियमों की धज्जियां – Madhya Pradesh Voice

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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में सुरक्षा में सेंध? सुरक्षा अधिकारी पर रिश्वत लेकर रात में कबाड़ ट्रक निकालने का आरोप, नियमों की धज्जियां


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13/08/2025 3:56 PM Total Views: 491764

सारणी। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी में पदस्थ सुरक्षा अधिकारी शरद राघव एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार उन पर रिश्वत लेकर रात के समय नियम विरुद्ध तरीके से कबाड़ का ट्रक बाहर निकालने का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना न केवल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पावर प्लांट की सुरक्षा और संपत्ति को भी खतरा हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के गेट से शाम 5:30 बजे के बाद कोई भी प्राइवेट ट्रक सामान लेकर नहीं निकल सकता। यह नियम मुख्यालय द्वारा बनाया गया है, लेकिन सुरक्षा अधिकारी शरद राघव पैसों की लालच में इस नियम को दरकिनार कर अपना काला कानून चला रहे हैं।

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7 अगस्त की घटना, सवालों के घेरे में सुरक्षा अधिकारी

ताजा मामला 7 अगस्त का है, जब पावर प्लांट के गेट क्रमांक 7 से नियम विरुद्ध रात 7:28 बजे स्क्रैप से भरा वाहन क्रमांक आर.जे 51 जी.ए 1081 को निकाला गया। इस ट्रक में भरा स्क्रैप राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जा रहा था।

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मीडिया कर्मियों को जैसे ही जानकारी मिली कि नियम विरुद्ध रात के समय गेट क्रमांक 7 से स्क्रैप से भरा ट्रक निकाला जा रहा है, वे तुरंत मौके पर पहुंच गए और गूगल मैप से फोटो वीडियो बनाया गया। इस दौरान सुरक्षा अधिकारी शरद राघव ने मीडिया कर्मियों को देख लिया और खुद को बचाने का प्रयास करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को ट्रक निकालने की सूचना दे दी।

मामला उलझे नहीं, इस डर से आनन-फानन में सुबह तक के लिए ट्रक को गेट के बाहर खड़ा करवा दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि जब नियम 5:30 बजे के बाद ट्रक निकालने का नहीं है, तो 7:28 बजे ट्रक को निकाला ही क्यों गया? यह प्रश्न चिन्ह सुरक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर लग रहा है।

सीसीटीवी फुटेज से खुल सकता है राज

इस मामले में 7 अगस्त के गेट के बाहर लगे कैमरे के सीसीटीवी फुटेज देखे जाएं, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि अपने आपको हरिश्चंद्र बताने वाले अधिकारी कितने पाक साफ हैं।

ट्रक चालकों से वसूली का खेल

नाम न छापने की शर्त पर ट्रक चालक ने बताया कि उनके ट्रक में 5:30 बजे से पहले स्क्रैप लोड हो चुका था, लेकिन कागजों के पेच में ऐसा उलझाया गया कि समय हो जाए और चालक स्वयं रिश्वत देने को राजी हो जाए, ऐसी स्थिति बनाने के बाद एक निर्धारित रकम बोली जाती है, ताकि ट्रक मालिक को एक दिन का भाड़े का नुकसान ना हो और बेवजह पूरी रात ट्रक प्लांट में ना खड़ा रहे।

ऐसी स्थिति सुरक्षा अधिकारी द्वारा ट्रक चालक और मालिक के बीच निर्मित कर अवैध वसूली का खेल कर 5:30 के बाद प्लानिंग के तहत बाहरी ट्रक को गेट से बाहर निकाला जाता है। ऐसा एक बार नहीं, इसके पहले कई बार हो चुका है। ट्रक वालों की मजबूरी का फायदा उठाकर अपनी जेब गर्म कर सुरक्षा अधिकारी ही सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।

उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

इस मामले को संज्ञान में लेकर ऊर्जा सचिव नीरज मंडलोई और सीएमडी मंजीत सिंह को आए दिन नियम विरुद्ध ट्रक को बाहर निकलवाने वाले अनियमितता के भंडारों से भरे सुरक्षा अधिकारी पर सख्त कार्रवाई कर उनसे नियमों का पालन करवाना चाहिए, ताकि पावर प्लांट की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इनका कहना है

  • हमने रात में गेट से ट्रक निकाला ही नहीं, ट्रक सुबह गया है।

शरद राघव, मुख्य सुरक्षा अधिकारी पावर प्लांट सारनी

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