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WCL एरिया में तीन अधिकारियों की मौत का जिम्मेदार कौन? जांच जारी, खुलेंगे कई राज! – Madhya Pradesh Voice

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WCL एरिया में तीन अधिकारियों की मौत का जिम्मेदार कौन? जांच जारी, खुलेंगे कई राज!


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23/03/2025 11:33 AM Total Views: 463896

खदान में किसकी लापरवाही ? किसके कंधे पर बंदूक ? सवाल बरकरार!

सारनी। वेस्टर्न कोल फील्ड एरिया पाथाखेड़ा में पिछले दिनों हुई दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खदान में तीन अधिकारी स्तर के कोल कर्मियों की जान जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है? स्थानीय प्रबंधन की लापरवाही है या फिर जाय कंपनी की, जो खदान में कंटीन्यूअस माइनर मशीन चला रही है?

▍सुरक्षा सप्ताह की तैयारियां धरी रह गईं

वेस्टर्न कोलफील्ड एरिया पाथाखेड़ा ने कोल खनन में कई कीर्तिमान रचे हैं और हमेशा से यहां सुरक्षा को ध्यान में रखकर कोल खनन किया गया है। पाथाखेड़ा कोल माइंस एरिया में वेस्टर्न कोल फील्ड एरिया स्तर पर सुरक्षा सप्ताह मनाया जाना था, जिसकी तैयारियां भी बड़े स्तर पर शुरू हो चुकी थीं। मुख्यालय से कार्यक्रम के लिए अलग से बजट भी जारी हो चुका था। लेकिन, सुरक्षा सप्ताह के कुछ दिन पहले ही प्रबंधन के तीन अधिकारी स्तर के कोल कर्मी असुरक्षा की भेंट चढ़ गए और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।

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▍सुरक्षा पर सवालिया निशान

पाथाखेड़ा कोल माइंस एरिया में सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही कोल खनन किया जाता रहा है, फिर भी छतरपुर वन खदान में सुरक्षा सप्ताह के पूर्व खदान में असुरक्षा के कारण एक माइनिंग इंजीनियर, एक माइनिंग सरदार और एक सुपरवाइजर ऐसे तीन कोल कर्मियों की जान चले जाना कोल इंडिया कंपनी में कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान है। कोल कंपनी में कार्यरत कोल कर्मियों की सुरक्षा की जवाबदारी स्थानीय प्रबंधन और प्रबंधन के मुखिया की होती है, हालांकि यह जांच का विषय है कि जिम्मेदार कौन है?

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▍रूफपाल बनी हादसे का कारण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त घटना रूफपाल के कारण हुई। इसके लिए जिम्मेदार खदान में कंटीन्यूअस माइनर मशीन का संचालन करने वाली जाय कंपनी भी हो सकती है। जाय कंपनी द्वारा अक्सर परमिशल लिमिट से ज्यादा कोल खनन किया जाता है। जब कंटीन्यूअस माइनर मशीन कोल खनन करती है, उसके बाद सपोर्टिंग मशीन द्वारा खनन हुए एरिया में सपोर्टिंग की जाती है, परंतु इस बार शायद तत्काल सपोर्टिंग नहीं की गई।

▍जाय कंपनी पर मजदूरों के शोषण का आरोप

मूलत: कोलकाता की जाय कंपनी ने पाथाखेड़ा क्षेत्र में कार्य आरंभ के दौरान से ही स्थानीय मजदूरों का शोषण शुरू कर दिया गया था। स्थानीय मजदूरों से 12 घंटे काम कराकर 8 घंटे का ही वेतनमान दिया जाता रहा है, जिसके कारण मजदूर शोषण का शिकार हैं और जाय कंपनी में कार्यरत मजदूरों ने इस संबंध में पूर्व में भी प्रदर्शन किया है।

▍12 घंटे काम, 8 घंटे का वेतन

जाय कंपनी द्वारा लेबर सप्लाई का कार्य शहडोल जिले के कॉन्टैक्टर शिवेंद्र सिंह को दिया गया है, एवं शिवेंद्र सिंह द्वारा स्थानीय मजदूरों से 8 की जगह 12 घंटे काम कराया जाता है और उन्हें माह में 15-17 दिन ही काम दिया जाता है। इस प्रकार कोल ठेका मजदूरों का तो शुरू से ही शोषण किया जाता रहा है, परंतु अब कंपनी की लापरवाही के कारण कोल कर्मियों की जान चली गई।

▍कॉल डिटेल से खुलेंगे राज?

उक्त घटना से जुड़े प्रबंधन के अधिकारियों एवं जाय कंपनी के स्थानीय अधिकारियों की काल डीटेल्स निकली जाए तो जल्दी ही घटना के लिए जिम्मेदारों तक पहुंचा जा सकता है।

▍उच्च स्तरीय जांच जारी

इस गंभीर घटना की जांच के लिए वेस्टर्न कोल फील्ड मुख्यालय से डायरेक्टर जनरल का माइंस सेफ्टी ने भी स्थल निरीक्षण किया एवं इनके अलावा कोल इंडिया लिमिटेड के सुरक्षा बोर्ड डायरेक्टर टेक्निकल अच्युत घटक ने भी स्थल निरीक्षण किया है, जिनकी जांच प्रक्रिया में है। इनके अलावा कोल मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा भी उक्त गंभीर मामले की जांच की जा रही है। इन सब की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इनका है कहना 

  • कंटीन्यूअस माइनर मशीन को 14 मीटर कोल खनन की अनुमति दी जाती है और इस बार भी इतनी ही अनुमति दी गई थी घटना के लिए कौन जिम्मेदार है यह जांच पूरी होने पर ही बता पाएंगे जो दोषी होगा उसे पर कार्रवाई होगी

जे पी द्विवेदी, सीएमडी कोल मुख्यालय, नागपुर 

  • छतरपुर वन खदान में जो घटना घटी है मैं उसे पर आपको कोई वर्जन नहीं दे पाऊंगा, मैं इसके लिए अधिकृत नहीं हूं, आपको वर्जन चाहिए तो कोल मुख्यालय नागपुर बात कर लीजिए 

लक्ष्मीकांत महापात्रा, जी एम, वेस्टर्न कोलफील्ड,पाथाखेड़ा 

  • पाथाखेड़ा कोल माइंस एरिया में सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही कोल खनन का कार्य किया जाता रहा है, पाथाखेड़ा एरिया में जो घटना घटी है हम सभी उस पर शोक व्यक्त करते हैं घटना के लिए कौन जिम्मेदार है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।

जगन्नाथ डेहरिया सांसद प्रतिनिधि, वेस्टर्न कोलफील्ड एरिया, पाथाखेड़ा

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