नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
नारायण खातरकर का विवादास्पद कदम, समाज को गुमराह कर जिले के दिग्गज नेताओं की झूठी शिकायत कर डाली  – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

नारायण खातरकर का विवादास्पद कदम, समाज को गुमराह कर जिले के दिग्गज नेताओं की झूठी शिकायत कर डाली 


WhatsApp Icon

05/03/2025 10:38 AM Total Views: 419319

बैतूल/सारणी। विनाश काले विपरीत बुद्धि बड़े ख्वाब देखने वाले छोटे मन बुद्धि नेता का भी जवाब नहीं। सारणी में एक गंभीर राजनीतिक विवाद ने जन्म लिया है, जब नारायण खातरकर ने पुलिस अधीक्षक बैतूल को जिले के शाश्वत नेता, अध्यक्ष और पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायत की। इस घटना ने स्थानीय राजनीति में खलबली मचा दी है और बुद्धिस्ट समाज में भारी असंतोष उत्पन्न किया है।

▍झूठी शिकायत और उसके परिणाम

नारायण खातरकर की शिकायत के साथ ही अखबारों में झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित की गईं। यह घटनाक्रम तब और गंभीर हो गया जब नारायण के साथ गए समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को इस मामले की भनक तक नहीं लगी। इस प्रकार की गतिविधियों ने समाज के भीतर एक गहरी चिंता को जन्म दिया है।
द बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष राजेश भुमरकर ने सोशल मीडिया पर पेपर कटिंग की एक पोस्ट देखी, जिससे उन्हें इस विवाद की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत नारायण की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फेसबुक पर लिखा, “माननीय सुखदेव पांसे जी पूर्व मंत्री और हेमंत वागद्रे जी का नाम लेकर नारायण खातरकर ने समाज को गुमराह किया है।”

▍ज्ञापन और नारायण का निवेदन

ज्ञात हो कि बुद्धिस्ट समाज ने बोध्य गया पंडितों को मुक्त करने के लिए पूरे देश में ज्ञापन दिया, जिसमें बैतूल में भी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बीच, नारायण खातरकर ने निवेदन किया कि सारणी थाने में उनके खिलाफ एक महिला द्वारा एफआईआर के लिए आवेदन दिया गया है। इस संदर्भ में बुद्धिस्ट समाज के लोग पुलिस अधीक्षक से मिलकर एफआईआर न होने की गुहार लगाने का प्रयास कर रहे थे।
हालांकि, नारायण ने सोशल मीडिया पर एक पेपर कटिंग साझा की, जिसमें माननीय सुखदेव पांसे और हेमंत वागद्रे एवं अन्य नेताओं, पत्रकारों से जान का खतरा होना लिखा गया था। इस पर बुद्धिस्ट समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, यह स्पष्ट करते हुए कि वे दोनों नेताओं का सम्मान करते हैं और नारायण का यह कृत्य पूरी तरह से गलत है। इस शिकायत आवेदन से दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया का और समाज का इन सब चीजों से कोई लेना-देना नहीं है।

▍समाज का सशक्त रुख

बुद्धिस्ट समाज ने नारायण को स्पष्ट चेतावनी दी है कि “ऐसी मूर्खता का कार्य न करें,” और कहा कि समाज की छवि को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाज ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपने नेताओं का सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार की भ्रांति फैलाने वाले कृत्यों को सहन नहीं करेंगे।
इस विवाद ने सारणी की राजनीति में तूफान ला दिया है। नारायण खातरकर की गतिविधियों ने केवल समाज में असंतोष पैदा नहीं किया, बल्कि स्थानीय दिग्गज नेताओं के मान प्रतिष्ठा के प्रति भी सवाल उठाए हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले का आगे क्या विकास होता है और क्या सारणी की राजनीति में कोई नई उठापटक देखने को मिलेगी।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930