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बैतूल कलेक्ट्रेट में किसान का आत्मदाह का प्रयास: न्याय की गुहार, सिस्टम पर सवाल! – Madhya Pradesh Voice

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बैतूल कलेक्ट्रेट में किसान का आत्मदाह का प्रयास: न्याय की गुहार, सिस्टम पर सवाल!


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27/01/2025 9:48 PM Total Views: 464446

बैतूल। बैतूल कलेक्ट्रेट परिसर में आज एक किसान ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसने सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूरगांव के किसान रमेश घोरसे पिछले 10 सालों से अपने खेत के रास्ते को लेकर विवाद से जूझ रहे हैं, और न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं।

 

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न्याय की आस में आत्मदाह का प्रयास:

रमेश घोरसे ने बताया कि उनके रिश्तेदार उनके खेत का रास्ता बंद कर देते हैं और विरोध करने पर मारपीट करते हैं। उन्होंने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। उल्टा, झूठी शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। जब वे अपनी व्यथा मीडियाकर्मियों से बता रहे थे, तब उन्होंने अचानक कीटनाशक निकाला और पीने की कोशिश की। मीडियाकर्मियों और कलेक्टर के गार्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके हाथ से कीटनाशक छीन लिया, जिससे उनकी जान बच गई।

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प्रशासन की उदासीनता:

यह घटना प्रशासन की उदासीनता और किसानों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है। रमेश पिछले 10 सालों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यह घटना उस निराशा और हताशा का प्रतीक है, जो किसानों को सिस्टम से न्याय न मिलने पर महसूस होती है।

एडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे:

घटना की सूचना मिलते ही एडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। रमेश ने उन्हें अपनी पूरी समस्या बताई। एडीएम ने तहसीलदार और पटवारी को मामले की जांच कर तत्काल समाधान निकालने के निर्देश दिए, और साथ ही रमेश को समझाने का प्रयास किया कि वे आत्मघाती कदम न उठाएं।

डेढ़ साल पहले रास्ता खुलवाने का आदेश:

नायब तहसीलदार ऋचा कौरव ने बताया कि रास्ता विवाद का प्रकरण उनके न्यायालय में चल रहा था, जिसमें उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले रास्ता खुलवाने का आदेश दिया था। लेकिन, उन्हें दोबारा रास्ता बंद होने की जानकारी नहीं मिली थी। यह दिखाता है कि प्रशासनिक आदेशों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है।

सरपंच चुनाव को लेकर पुराना झगड़ा:

यह भी सामने आया है कि रास्ता बंद करने वाला पक्ष रमेश के परिवार और रिश्तेदारी से ही जुड़ा हुआ है, और उनके बीच सरपंच चुनाव को लेकर पुराना झगड़ा भी है। यह दिखाता है कि यह विवाद व्यक्तिगत रंजिश का भी परिणाम है।

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