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ममता का कत्ल: स्वार्थ में अंधी कलयुगी मां ने 8 साल की मासूम को ट्रेन के आगे फेंका – Madhya Pradesh Voice

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ममता का कत्ल: स्वार्थ में अंधी कलयुगी मां ने 8 साल की मासूम को ट्रेन के आगे फेंका


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02/04/2026 1:41 PM Total Views: 492352

नर्मदापुरम। रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने ‘मां’ जैसे पवित्र और निस्वार्थ शब्द को हमेशा के लिए कलंकित कर दिया है। एक महिला ने अपने निजी स्वार्थ और नई जिंदगी की लालसा में अपनी ही 8 साल की मासूम बेटी को बेरहमी से मौत के मुंह में धकेल दिया। 13 दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार उस नन्ही जान ने दम तोड़ दिया, और अपने पीछे छोड़ गई रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दर्दनाक दास्तान।

घटना की खौफनाक रात

17 मार्च की रात, नर्मदापुरम स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर-1 एक खौफनाक साजिश का गवाह बना। रात करीब 8 बजे, आरोपी मां अंजू सिंह राजपूत (जो पेशे से एक सरकारी क्लर्क है) अपनी बेटी की उंगली थामे वहां पहुंची। मासूम को अंदाजा भी नहीं था कि जिस मां का हाथ उसने पकड़ा है, वही उसकी जान की दुश्मन है। जैसे ही तेज रफ्तार तमिलनाडु एक्सप्रेस वहां से गुजरी, इस निर्दयी मां ने अपनी ममता का गला घोंटते हुए अपनी ही कोख से जन्मी बच्ची को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया।

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जिंदगी और मौत के बीच 13 दिन की तड़प

घटना के तुरंत बाद आरपीएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए लहूलुहान बच्ची को ट्रैक और ट्रेन के बीच से निकाला। उसे बेहद गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल से भोपाल रेफर किया गया। वह मासूम बच्ची पूरे 13 दिनों तक अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। उसके छोटे से शरीर ने इस क्रूर हमले का डटकर सामना किया, लेकिन अंततः नियति और घावों के आगे वह हार गई। उसकी मौत की खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध और आक्रोशित कर दिया है।

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स्वार्थ की इंतहा: क्यों बनी रक्षक ही भक्षक?

इस खौफनाक वारदात के पीछे का कारण इंसानियत को कंपा देने वाला है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि आरोपी अंजू के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके एवज में उसे सरकारी नौकरी (अनुकंपा नियुक्ति) मिली थी। सुख-सुविधाओं के बीच अंजू अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू कर दूसरी शादी करना चाहती थी। इस स्वार्थी योजना में उसे अपनी 8 साल की बेटी एक ‘बाधा’ और ‘बोझ’ नजर आ रही थी। अपने रास्ते का यह कांटा निकालने के लिए उसने अपनी ही बच्ची को बेरहमी से कुचलवाने का खौफनाक फैसला लिया।

झूठ का पर्दाफाश और गिरफ्तारी

इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद भी कलयुगी मां के चेहरे पर पश्चाताप की कोई लकीर नहीं थी। वह लगातार पुलिस को गुमराह करती रही और खुद को बेकसूर बताती रही। लेकिन, कानून की आंखों में धूल झोंकना इतना आसान नहीं था। मौके पर मौजूद लोगों ने उस खौफनाक मंजर की सच्चाई पुलिस के सामने बयां की। ट्रेन के लोको पायलट के स्पष्ट बयान ने महिला के बुने हुए हर झूठ की पोल खोल दी।

सच्चाई पूरी तरह से पुख्ता होते ही जीआरपी ने हत्या की धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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