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‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की उड़ाई धज्जियां, नपा अध्यक्ष सारनी ने सत्ता के नशे में कटवाए फलदार पेड़ – Madhya Pradesh Voice

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‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की उड़ाई धज्जियां, नपा अध्यक्ष सारनी ने सत्ता के नशे में कटवाए फलदार पेड़


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22/01/2026 12:31 AM Total Views: 363253

सारनी। जहाँ एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के जरिए पूरे विश्व को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि ही इस मुहिम को ठेंगा दिखा रहे हैं। ताजा मामला सारनी नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 25, शिवाजी नगर का है, जहाँ सारणी नगर पालिका अध्यक्ष पर अपने पद और पावर का दुरुपयोग कर हरे-भरे फलदार पेड़ों को अवैध रूप से कटवाने के गंभीर आरोप लगे हैं।

आंगन में छिपाई ‘अपराध’ की लकड़ियां

बताया जा रहा है कि अध्यक्ष महोदय के घर के पीछे स्थित लगभग 32 फीट ऊंचे लहलहाते आम और जाम (अमरूद) के पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया। जबकि इस फलदार पेड़ के चलते आसपास में रहने वाले किसी को भी कोई परेशानी नहीं थी। फिर भी इन्हें निजी स्वार्थ के लिए काटा गया। इन पेड़ों की विशालकाय सिल्लियां (कटे हुए तने) वर्तमान में अध्यक्ष के घर के आंगन में रखी हुई हैं, जो इस अवैध कृत्य का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। नियम विरुद्ध की गई इस कटाई ने न केवल पर्यावरण को क्षति पहुंचाई है, बल्कि शासन के नियमों को भी चुनौती दी है।

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क्या कहता है नियम? (मध्य प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम)

मध्य प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पेड़ काटने के लिए ‘मध्य प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ और नगर पालिका अधिनियम के तहत सख्त नियम लागू हैं कि शहरी क्षेत्र में किसी भी पेड़ (चाहे वह निजी परिसर में ही क्यों न हो) को काटने से पहले नगर पालिका/नगर निगम के ‘वृक्ष अधिकारी’ से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है। और अनुमति देने से पहले अधिकारी मौके का मुआयना करते हैं और पेड़ की स्थिति, उम्र और विकल्प पर विचार किया जाता है मगर यहाँ अध्यक्ष ने स्वयं नगर पालिका का प्रमुख होते हुए भी इस कानूनी प्रक्रिया को जरूरी नहीं समझा। आम एक फलदार और संरक्षित श्रेणी का वृक्ष है, जिसे बिना ठोस कारण (जैसे मकान गिरने का खतरा या पेड़ का सूख जाना) के काटना वर्जित है।

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नगर पालिका सीमा के भीतर अवैध पेड़ कटाई पर सजा और भारी जुर्माने के प्रावधान 

जुर्माना: अवैध रूप से पेड़ काटने पर प्रति पेड़ भारी जुर्माना लगाया जाता है। मध्य प्रदेश के नियमों के अनुसार, यह राशि हजारों रुपये में हो सकती है और साथ ही कटे हुए पेड़ की लकड़ी को राजसात (जब्त) कर लिया जाता है।

दंडात्मक कार्रवाई: अधिनियम के उल्लंघन पर कारावास (जेल) की सजा का भी प्रावधान है। यदि कोई जनसेवक (Public Servant) इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर विभागीय जांच और पद के दुरुपयोग की धाराएं भी लगाई जा सकती हैं।

क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण: दोषी व्यक्ति को काटे गए एक पेड़ के बदले 10 से 15 नए पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का शपथ पत्र देना पड़ता है।

रक्षक ही बना भक्षक?

वार्ड वासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि जब आम नागरिक एक पेड़ काटता है, तो प्रशासन तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन यहाँ तो ‘रक्षक ही भक्षक’ बन बैठा है। नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा नियमों को ताक पर रखकर की गई इस कार्रवाई ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

क्या नगर पालिका प्रशासन इन विशालकाय सिल्लियों को देखकर भी मौन रहेगा, या पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पद का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी? यह अब देखने वाली बात होगी।

इनका कहना है:—

  • आपके द्वारा मुझे जानकारी मिली, मैं इसे संज्ञान में लेता हूं किसी को भेज कर जांच करवाता हूं अगर नगर पालिका के अनुमति के बगैर हरे भरे फलदार पेड़ को काटा होगा तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

सीक मेश्राम, सीएमओ नगर पालिका परिषद सारणी। 

  • मुझे वार्ड क्रमांक 25 शिवाजी नगर में पेड़ कटाई की कोई जानकारी नहीं है। अगर अवैध रूप से पेड़ कटाई की गई होगी तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

नितिन मीणा, उपयंत्री राजस्व निरीक्षक नपा सारणी

  • नगर पालिका परिषद क्षेत्र के अंतर्गत पेड़ कटाई छटाई की परमिशन नगर पालिका अधिकारी द्वारा ही दी जाती है। इसमें वर्षों का परिरक्षण अधिनियम 2001 के अंतर्गत परमिशन दी जाती है। इसके अलावा अगर बिना परमिशन के वृक्षों की कटाई की जाती है तो सामने वाले व्यक्ति पर नपा द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाती है।

सारणेन्दु नायक, रेंजर उत्तर वन मंडल परिक्षेत्र सारणी

  • वार्ड क्रमांक 25 शिवाजी नगर में हमारे द्वारा कोई पेड़ कटाई नहीं की गई है। और ना ही नगर पालिका परिषद सारणी के राजस्व विभाग से कोई अनुमति ली गई है।

शिवम डेहरिया, सहायक राजस्व निरीक्षक नापा सारणी 

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