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प्रेम या प्रपंच ? महिला बाल विकास का ‘विवेक’ बना “विवाद”, अधिकारी के नाम पर फैला रहा प्रेम जाल ! – Madhya Pradesh Voice

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प्रेम या प्रपंच ? महिला बाल विकास का ‘विवेक’ बना “विवाद”, अधिकारी के नाम पर फैला रहा प्रेम जाल !


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27/04/2025 12:49 AM Total Views: 489627

महिला बाल विकास में  “प्रेम लीला “! विवेक के कारनामे, अधिकारी का नाम बदनाम, जिले में मची खलबली !


बैतूल/चिचोली। जिले में बीते दो दिनों से महिला बाल विकास परियोजना चिचोली की प्रेम प्रसंग की कहानी चिचोली से उड़ते हुए जिले भर में सुर्खियां बटोर रही है। नाम न छापने की शर्त पर चिचोली परियोजना में कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय में पदस्थ एक प्राइवेट कर्मचारी जिसका नाम विवेक है, जिसकी निगाह युवती व महिला के प्रति हमेशा हवसी घिनौनी बनी हुई रहती है। उसके बताएं अनुसार सीडीपीओ और डीपीओ का मुंह लगा प्राइवेट कर्मचारी विवेक चिचोली परियोजना की समस्त कार्यकर्ता पर डोरे डालता हुआ नजर आता है।

बीते एक सप्ताह पहले एक महिला कर्मी के साथ पकड़ाने के बाद उसके पति द्वारा विवेक के भूत उतारते हुए चेतावनी समझाइश देकर छोड़ दिया गया था। इस मामले को परियोजना अधिकारी द्वारा अपने छिछोरे सहपाठी को बचाते हुए मामला दबाने का भरपूर प्रयास किया गया। जिसमें वह लगभग सफल होते भी नजर आए, लेकिन यह मामला उड़ता हुआ अब जिले तक पहुंच चुका है।

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जिसके बाद सबकी जानने की जिज्ञासा है कि मामला आखिर क्या था, नाम न छापने की शर्त पर बताया था कि जिला कार्यक्रम अधिकारी का मुंह लगा प्राइवेट कर्मचारी विवेक डीपीओ के नाम से महिला कर्मचारियों से गलती होने पर उन्हें पहले डराता है और फिर कहता है कि में डीपीओ से बात कर बचा लूंगा। वह मेरे आगे नहीं जाते, जिसके एवज में वो हवस का पुजारी उनसे मिलने सहित, घिनौनाकृत करने पर उन्हें मजबूर करता है और इस सब कांड में उनके साथ उनके परियोजना अधिकारी की भी भूमिका बताई जा रही है।

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क्योंकि आखिर परियोजना कार्यालय में सरकारी अधिकारी बैठे होने के बाद प्राइवेट कर्मचारी की इतनी चल रही कि वह सब पर अपना रुवाब बता रहा हो तो कही न कही निश्चित ही डीपीओ और सीडीपीओ का इस हवसी छिछोरे को फुल संरक्षण प्राप्त है ऐसा प्रतीत होता है। खैर मामले में कितनी सच्चाई है यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन जिले में उड़ रही चर्चा के बीच जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ को प्राइवेट कर्मचारी को इस तरह गलत काम में संरक्षण देने पर दबी जुबा सभी जिले के कर्मचारी डीपीओ को विवेक का गुलाम कहने से पीछे नहीं हट रहे है ।

एक नजर विवेक की हरकतों पर

विश्वसनीय सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार विवेक नामक व्यक्ति जिलेभर की परियोजना में पदस्थ प्राइवेट सहित सरकारी महिलाओं कर्मी पर बुरी नजर रखता है। पहले मीठी-मीठी बात करके अपने प्रेम जाल में फ़साने की कोशिश करता है, जब बात नही बनती है तो अंत में चाणक्य नीति करता हुआ, उस युवती, महिला के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को कान्हा फुंसी कर भड़काकर उन्हें कुछ न कुछ मामले में नोटिस दिलवाता है। डीपीओ का फूल संरक्षण देख कर प्रताड़ित युवती या महिला डर के मारे विवेक की खुलकर शिकायत भी नहीं कर पा रही है।

नोट:- अगले में अंकों में हम आपको बताएंगे की सीडीपीओ द्वारा फरवरी माह में सिर्फ चार दिन उपस्थित होकर कैसे 28 दिन की हाजरी लगाई जाती है, सरकारी वाहन का दुरुपयोग कर विवेक का नगर भ्रमण कैसे होता है, एक ही थाली के चट्टे बट्टे अधिकारी और बीसी की अश्लीलता, घिनौनी एवं काली करतूत समाज के सामने उजागर करेंगे।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


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