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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट पर भड़का आक्रोश, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन – Madhya Pradesh Voice

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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट पर भड़का आक्रोश, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन


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03/01/2026 6:53 PM Total Views: 339091

सारनी। मध्य प्रदेश में पत्रकारों के साथ लगातार हो रही मारपीट, अभद्रता और प्रशासनिक दुर्व्यवहार की घटनाओं ने तूल पकड़ लिया है। इंदौर और सीहोर में हाल ही में घटित गंभीर घटनाओं के विरोध में एमपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन ने इन घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लेने और दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम थाना प्रभारी सारनी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

लोकतंत्र की गरिमा पर गहरा आघात

ज्ञापन सौंपते हुए यूनियन के प्रांतीय महासचिव और वरिष्ठ पत्रकार नन्हे चंद्रवंशी ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो शासन और समाज के बीच सेतु का कार्य करता है। सत्य को उजागर करना और सत्ता को आईना दिखाना पत्रकार का संवैधानिक दायित्व है। लेकिन अत्यंत खेद का विषय है कि प्रदेश में पत्रकारों के साथ हो रही घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा आघात पहुँचा रही हैं।

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मंत्री और पुलिस के रवैये से पत्रकारों में रोष

श्री चंद्रवंशी ने घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अभी सीहोर जिले में पत्रकारों के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि इंदौर में एक और शर्मनाक घटना सामने आ गई। इंदौर में कवरेज के दौरान प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के साथ सार्वजनिक रूप से अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया।

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यूनियन ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक पत्रकार का अपमान नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण पत्रकारिता जगत, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला अपमान है। यदि सत्य लिखने और दिखाने की कीमत अपमान, भय और हिंसा है, तो यह किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है।

दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, चाहे वे किसी भी पद पर हों

ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने महामहिम राज्यपाल से ससम्मान किंतु दृढ़ आग्रह किया है कि, सीहोर एवं इंदौर की घटनाओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई हो, चाहे दोषी व्यक्ति किसी भी ऊंचे पद या ओहदे पर क्यों न हो और प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और ठोस व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

निर्भीक पत्रकारिता के लिए माहौल जरूरी

ज्ञापन के अंत में कहा गया है कि पत्रकार भयभीत होकर नहीं, बल्कि निर्भीक होकर लोकतंत्र की सेवा कर सके, यह तभी संभव है जब शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि शब्दों की मर्यादा और कानून की सीमा का पालन करें। यूनियन ने विश्वास जताया है कि राज्यपाल के हस्तक्षेप से पत्रकारों को न्याय मिलेगा और लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहेगी।

इस दौरान सारनी क्षेत्र के प्रांतीय महासचिव नन्हे चंद्रवंशी, जिला अध्यक्ष गजेंद्र सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष दीपेश दुबे, कुलदीप साहू, शंकर साहू, विजय पंड़लक, श्री पाटिल, प्रवीर मंडल, नवीन सोनी और श्री सिकरवार सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

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