नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
लोकनाथ कंपनी की तानाशाही, मजदूरों के खून-पसीने की कमाई पर जमाई कुंडली, एरियर के नाम पर सिर्फ ‘तारीख पे तारीख’ – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

लोकनाथ कंपनी की तानाशाही, मजदूरों के खून-पसीने की कमाई पर जमाई कुंडली, एरियर के नाम पर सिर्फ ‘तारीख पे तारीख’


WhatsApp Icon

14/01/2026 12:35 AM Total Views: 386552

सारणी। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (पावर प्लांट) सारणी, जो प्रदेश को रोशन करने का काम करता है, उसकी नींव में पसीना बहाने वाले मजदूर आज अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी ‘मेसर्स लोकनाथ’ द्वारा मजदूरों के शोषण और श्रम कानूनों के उल्लंघन की एक और दास्तां सामने आई है। कंपनी द्वारा सिविल विभाग के लगभग 150 कर्मचारियों के डीए (DA) एरियर का लाखों रुपया दबाकर रखा गया है, जबकि मजदूर पाई-पाई को मोहताज हैं।

क्या है पूरा मामला?

अक्टूबर 2024 में शासन द्वारा 50% डीए (महंगाई भत्ता) की घोषणा की गई थी, जिसे 1 जनवरी 2024 से लागू माना गया था। नियमानुसार, जनवरी 2024 से सितंबर 2024 तक के एरियर का भुगतान चार समान किस्तों में किया जाना तय हुआ था। ये किस्तें दिसंबर 2024, जनवरी 2025, फरवरी 2025 और मार्च 2025 में दी जानी थीं। लेकिन लोकनाथ कंपनी ने इस आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

कंपनी की दोहरी नीति और भेदभाव

मजदूरों का आरोप है कि लोकनाथ कंपनी प्रबंधन दोहरी नीति अपना रहा है। इसी कंपनी ने अपने अन्य विभागों के कर्मचारियों को करीब 6 महीने पहले, भारी धरना-प्रदर्शन और “रोने-गाने” के बाद भुगतान कर दिया था। लेकिन सीएचपी-4 में कार्यरत सिविल विभाग के लगभग 150 मजदूरों को अब तक एक भी पैसा नहीं मिला है। हर बार आजकल पर बातें टाल दी जाती है। विडंबना यह है कि पावर जनरेटिंग कंपनी में कार्यरत अन्य ठेका कंपनियों ने अपने सभी कर्मचारियों का भुगतान लगभग एक वर्ष पूर्व ही कर दिया है, लेकिन लोकनाथ कंपनी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी

क्षेत्र में रोजगार की भारी कमी का फायदा उठाकर कंपनी प्रबंधन मजदूरों का मानसिक और आर्थिक शोषण कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी का रवैया पूरी तरह तानाशाही पूर्ण है। पूर्व में जब भी मजदूरों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो कंपनी ने कुछ मजदूरों को नौकरी से निकालकर बाहर कर दिया और शेष को डराकर चुप करा दिया। इसी डर के कारण मजदूर अब जुबान खोलने से कतराते हैं और कंपनी उनकी इसी बेबसी का फायदा उठाकर उनकी गाढ़ी कमाई से अपना घर भरने में लगी है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

बड़ा सवाल यह है कि पावर प्लांट प्रबंधन और श्रम विभाग के नाक के नीचे चल रहे इस खेल पर अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या लोकनाथ कंपनी को नियमों से ऊपर मान लिया गया है, या फिर इसमें कोई बड़ी मिलीभगत है? मजदूरों के एरियर का पैसा न देकर कंपनी नियमों का खुला उल्लंघन कर रही है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई न होना संदेहास्पद है।

मजदूरों में बढ़ता आक्रोश

महंगाई के इस दौर में कम मजदूरी और उस पर भी एरियर का भुगतान न होने से मजदूरों के घर का बजट बिगड़ चुका है। मजदूरों के भीतर कंपनी के खिलाफ भारी गुस्सा पनप रहा है। यदि जल्द ही सिविल विभाग के कर्मचारियों के एरियर का भुगतान नहीं किया गया, तो मजदूरों का सब्र टूट सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

नाम न छापने की शर्त पर एक मजदूर का बयान 

हमारे द्वारा पूर्ण ईमानदारी से कार्य किया जा रहा है। हमारा काम अधिकांश कोयले की चुरी कि साफ सफाई और बेल्ट लाइन पर बेलचा चलाने का है। हम हमारा कार्य पूरी जवाबदारी से करते हैं किंतु कंपनी द्वारा एरियर के पैसे के भुगतान को लेकर बार-बार समय दिया जाता है किंतु समय आने पर भुगतान नहीं किया जाता। अन्य कंपनी के सभी मजदूरों को उनके एरियर का भुगतान मिल चुका है। लोकनाथ ने अन्य विभागों को भी एरियर का भुगतान कर दिया है। मगर हमारे विभाग को दरकिनार रखा है। अगर कोई मजदूर एरियर के लिए कहता है तो उसे टारगेट करने लगते है।

अधिकारी कथन

खबरों में कथन के लिए लोकनाथ कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शरद बैरा से उनके दूरभाष पर 9776188876 बार बार संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उनके द्वारा हमारा फोन रिसीव नहीं किया गया।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930