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जीवन रक्षक ‘एम्बुलेंस’ बनी तस्करी का जरिया, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पीछा कर 10 गौवंश को कसाईखाने जाने से बचाया – Madhya Pradesh Voice

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जीवन रक्षक ‘एम्बुलेंस’ बनी तस्करी का जरिया, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पीछा कर 10 गौवंश को कसाईखाने जाने से बचाया


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19/11/2025 11:56 PM Total Views: 421195

बैतूल। तस्करों ने अब पुलिस की आँखों में धूल झोंकने के लिए मानवता को शर्मसार करने वाला तरीका अपनाया है। बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है, जहाँ तस्करों ने गौवंश की अवैध तस्करी के लिए ‘एम्बुलेंस’ जैसे आपातकालीन वाहन का इस्तेमाल किया। हालांकि, मुलताई पुलिस की सतर्कता ने तस्करों के इस नापाक मंसूबे को नाकाम कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेंद्र जैन के निर्देशानुसार और एएसपी कमला जोशी एवं एसडीओपी एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में मुलताई पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।

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‘सायरन’ की आड़ में तस्करी की साजिश

18-19 नवंबर 2025 की दरम्यानी रात, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मुलताई मार्ग से महाराष्ट्र की ओर एक एम्बुलेंस जा रही है, जिसमें मरीज नहीं बल्कि अवैध रूप से गौवंश भरे हुए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार ने तुरंत अपनी टीम को अलर्ट किया।

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3:30 बजे रात: फिल्मी स्टाइल में हुआ पीछा

पुलिस टीम और गवाह (पवन कवड़कर एवं संजू काकोडिया) बिसनूर जोड़ पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तड़के करीब 3:30 बजे एक एम्बुलेंस (वाहन क्र. MH-06 J 9255) आती दिखाई दी। जब पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और वाहन को रगडगाँव–गेहुँबारसा रोड की तरफ मोड़ दिया।

पुलिस टीम ने तत्काल एम्बुलेंस का पीछा करना शुरू किया। खुद को घिरता देख आरोपी चालक संजू काकोडिया के घर के पास एम्बुलेंस को लावारिस हालत में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया।

एम्बुलेंस का दरवाजा खुलते ही पुलिस रह गई दंग

जब पुलिस ने एम्बुलेंस के पीछे का गेट खोला, तो अंदर का दृश्य दिल दहलाने वाला था। जिस वाहन में मरीजों की जान बचाई जाती है, उसमें 10 गौवंशों को बुरी तरह रस्सियों से जकड़कर और ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। उनके मुँह और पैर इस कदर बांधे गए थे कि वे हिल-डुल भी नहीं सकते थे। जाँच में पुष्टि हुई कि इन मूक प्राणियों को वध के लिए महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था।

पुलिस ने मौके से एम्बुलेंस और 10 गौवंश को जप्त किया, जिनकी कुल कीमत लगभग 4 लाख 78 हजार रुपये आंकी गई है। सभी मुक्त कराए गए गौवंशों को माँ गायत्री गौशाला, ग्राम बघोड़ा में सुरक्षित पहुँचाया गया है। फरार अज्ञात चालक के खिलाफ थाना मुलताई में म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6, 9 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस पूरी कार्यवाही में मुख्य रूप से मुलताई पुलिस की तत्परता देखने को मिली जिसमें निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार (थाना प्रभारी, मुलताई), उनि रणधीर सिंह राजपूत, प्र.आर. बलराम सरेयाम, प्र.आर. रामकृष्ण सिलारे, प्र.आर. हाकम सिंह, आरक्षक शिवराम, आरक्षक मेहमान, डायल-112 चालक नितेश पवार का विशेष योगदान रहा

पुलिस अब फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है, ताकि तस्करी के इस नेटवर्क का पूरी तरह से भंडाफोड़ किया जा सके।

 

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