नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
पत्रकारिता पर प्रहार, महिला सम्मान तार-तार: शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल ने पत्रकार से की हाथापाई, छीना मोबाइल – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

पत्रकारिता पर प्रहार, महिला सम्मान तार-तार: शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल ने पत्रकार से की हाथापाई, छीना मोबाइल


WhatsApp Icon

07/11/2025 9:57 PM Total Views: 421160

देहरादून। उत्तराखंड में पत्रकारिता की गरिमा और महिला सम्मान पर एक बार फिर शर्मनाक हमला हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, अजय कुमार नौडियाल, जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति ने एक महिला पत्रकार के साथ न केवल हाथापाई की, बल्कि उनका मोबाइल भी छीन लिया। यह घटना तब हुई जब महिला पत्रकार बार-बार यह कहती रहीं कि वह प्रेस से हैं और अपना काम कर रही हैं, लेकिन श्री नौडियाल ने एक न सुनी और अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए बदसलूकी पर उतारू रहे।

“कहीं से भी हो, धक्का दो”: अमानवीय बर्ताव का नंगा नाच

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला पत्रकार किसी खबर की रिपोर्टिंग कर रही थीं और शायद श्री नौडियाल के लिए उनका वहां होना असहज था। जब पत्रकार ने अपनी पहचान बताई और अपने काम का अधिकार जताया, तो श्री नौडियाल का रवैया बेहद आपत्तिजनक रहा। उन्होंने पत्रकार की पहचान को नजरअंदाज करते हुए कहा, “कहीं से भी हो”, और फिर हाथापाई पर उतर आए। यह केवल एक पत्रकार के साथ नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का एक प्रयास था। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि कैसे कुछ अधिकारी अपनी पद की शक्ति का दुरुपयोग कर आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की आवाज को दबाने का प्रयास करते हैं।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

शिक्षा के मंदिर के रक्षक, संस्कार भूल बैठे:

यह अत्यंत खेदजनक और चिंता का विषय है कि शिक्षा विभाग के “निदेशक” जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति, जो स्वयं शिक्षा और संस्कारों के प्रसारक होने चाहिए, स्वयं ही मर्यादाओं को लांघ बैठे। यह घटना न केवल एक महिला पत्रकार का अपमान है, बल्कि शिक्षा और संस्कार के उन मूल्यों पर भी कुठाराघात है जिनकी रक्षा करना उनका परम कर्तव्य था। यह दर्शाता है कि कुछ लोगों के लिए पद भले ही बदल जाते हैं, लेकिन उनकी मानसिकता और व्यवहार वही संकीर्ण बना रहता है।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला, महिला सुरक्षा पर सवाल:

यह घटना उत्तराखंड में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब अधिकारी ही पत्रकारों पर हमला करने लगेंगे, तो वे कैसे निर्भीक होकर जनता के हितों की आवाज उठा पाएंगे? ऐसे में महिला पत्रकारों का सुरक्षित माहौल में काम करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उनकी आवाज को दबाने का यह प्रयास लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है।

जनता की आवाज को दबाने का प्रयास:

श्री नौडियाल का यह कृत्य दर्शाता है कि अधिकारी किस हद तक जनता की आवाज को दबाने और सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश कर सकते हैं। यह केवल एक मोबाइल छीनने या हाथापाई का मामला नहीं है, बल्कि यह सत्ता के अहंकार और असहिष्णुता का एक ज्वलंत उदाहरण है।

क्या होगी कार्रवाई?

इस गंभीर मामले में उत्तराखंड सरकार और संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करते हैं। क्या ऐसे अधिकारियों को उनके पद पर बने रहने दिया जाएगा, या उनसे जवाबदेही तय की जाएगी? पत्रकारों और नागरिक समाज की यह मांग है कि ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और दोषी अधिकारी को उसके कृत्य की सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी इस तरह का दुस्साहस न कर सके। पत्रकारिता की स्वतंत्रता और महिला सम्मान की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई हो।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930