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शक्तिगढ़ पंचायत में भ्रष्टाचार का ‘पहाड़’, ग्रामसभा में सरपंच पति की दादागिरी, फर्जी बिलों से जनता के पैसे का दुरुपयोग – Madhya Pradesh Voice

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शक्तिगढ़ पंचायत में भ्रष्टाचार का ‘पहाड़’, ग्रामसभा में सरपंच पति की दादागिरी, फर्जी बिलों से जनता के पैसे का दुरुपयोग


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19/08/2025 11:26 PM Total Views: 438168

घोड़ाडोंगरी/बैतूल।बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत शक्तिगढ़ एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई है। पंचायत सरपंच और उनके सहयोगियों पर फर्जी बिल लगाकर पैसे निकालने और विकास कार्यों में अनियमितता करने का आरोप लगा है। सोमवार को ग्राम पहाडपुर में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और सरपंच पति पर सवालों से भटकाने का आरोप लगाया।

ग्राम पंचायत शक्तिगढ़ के सभी गांवों में पंचायत सरपंच और उनके सहयोगियों द्वारा फर्जी बिल लगाकर पैसे निकालने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार को ग्राम पहाडपुर में ग्रामसभा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, उपसरपंच और ग्राम के पंचगण उपस्थित हुए।

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रोजगार सहायक ने दी योजनाओं की जानकारी, सचिव ने बताए विकास कार्य

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने रोजगार सहायक से शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। जिसके पश्चात रोजगार सहायक तपन दास द्वारा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने सचिव बस्तीराम बारस्कर से पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी, जिसके पश्चात श्री बारस्कर द्वारा जानकारी दी गई।

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सरपंच ने जानकारी देने से किया इनकार, मचा हंगामा

लेकिन जब ग्रामीणों ने सरपंच श्रीमती कमला मर्सकोले मंडल से पूछा कि ग्राम पंचायत में जो विकास कार्य किए गए हैं, उसकी जानकारी दीजिए, तो सरपंच महोदया ने कहा कि ऑनलाइन चेक कर लीजिए, हमसे क्यों पूछ रहे हैं।

सरपंच के इस जवाब से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उच्च स्वर में कहा कि ग्रामसभा इसीलिए बुलाई गई है ताकि हमें भी ज्ञात हो कि कहां क्या काम हुआ है। तब सरपंच महोदया ने कहा कि अगर देखना चाहते हैं तो आइए पंचायत भवन, वहीं बात होगी, क्योंकि हम यहां रजिस्टर लेकर नहीं आए।

तालाब निर्माण में मनमानी, स्टाफ डैम से किसानों को लाभ नहीं

ग्रामीणों ने सरपंच महोदया से सवाल किया कि जब हमारे गांव पहाडपुर में किसी भी प्रकार की समस्या है और किसी भी प्रकार का तालाब निर्माण करवाना हो तो आपको ग्रामीणों से राय लेनी चाहिए कि नहीं। तब सरपंच पति ने जवाब दिया कि कहां क्या काम हो रहा है इसकी जानकारी सबको है।

लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि किसी से भी सहमति नहीं ली गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्टाफ डैम ऐसी जगह बनी हुई है जहां से किसी भी किसान को किसी भी प्रकार से लाभ नहीं मिल पाएगा क्योंकि जिस स्थान पर स्टाफ डैम बनी हुई है उस जगह पर किसी का खेत है ही नहीं। इससे यह साबित होता है कि पंचायत में फर्जी तरीके से बिल लगाकर जनता के पैसों का दुरुपयोग किया गया है। कुछ पंचों ने भी कहा कि उनसे सहमति तक नहीं ली जाती है और न ही किसी प्रकार की सामान्य बैठक की जाती है।

कुछ खास लोगों को ही दिया जा रहा है ठेका

सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत के अंदर कुछ ऐसे लोगों को काम करवाने का ठेका दिया जा रहा है जो कि गांव में बहुत ही कम रहते हैं और पंचायत में किसी भी प्रकार के सदस्य नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पति की मनमानी अब नहीं चलेगी, पैसे लेकर किसी को भी ठेका देना यह पूरी तरह से गलत है। ऐसी परिस्थितियों में देखा जा रहा है कि जनता का पैसा फिजूल खर्च किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पहाडपुर में नाला निर्माण और स्टाफ डैम का निर्माण अवैध तरीके से किया गया है, जिसकी जानकारी सचिव बस्तीराम बारस्कर द्वारा ग्रामसभा को दी गई कि हां पंचायत स्वीकार करता है कि ये जो निर्माण कार्य कराए गए हैं वे पूरी तरह से अवैध माने जाएंगे।

सरपंच पति ने किया मुद्दे से भटकाने का प्रयास

लेकिन सरपंच पति इस कृत्य को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि काम कैसे भी कराया गया है, काम तो काम ही है। सभी लोगों की बात पूरी होने के बाद सभी ग्रामीणों से रजिस्टर में अपना हस्ताक्षर किए। सभी पंचों ने अपना हस्ताक्षर किया। रोजगार सहायक ने अपना हस्ताक्षर किए। सचिव ने अपना सील सहित हस्ताक्षर किए। परंतु सरपंच पति के दबाव में आकर सरपंच ने अपना हस्ताक्षर नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिसको लाभ मिला है उससे जाकर पूछो की काम सही हुआ है कि नहीं।

लेकिन काम ऐसी जगह पर हुआ है जहां से किसी को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के सारे सवालों पर सरपंच मौन रही और सरपंच पति ने बार-बार मुद्दे से लोगों को भटकाने का काम किया और सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया।

ग्रामीणों के सवाल पर सभा छोड़कर भागे सरपंच पति

जब ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर सवाल पूछना शुरू किया तब सरपंच पति ने सरपंच को लेकर सभा स्थल से चले गए और किसी भी प्रकार से न ह

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