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मोहन सरकार की ‘मुहिम’ फेल! रेत माफिया के आगे नतमस्तक प्रशासन, नदियों को लूट रही ‘परम’ कंपनी, राजस्व को करोड़ों का चूना! – Madhya Pradesh Voice

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मोहन सरकार की ‘मुहिम’ फेल! रेत माफिया के आगे नतमस्तक प्रशासन, नदियों को लूट रही ‘परम’ कंपनी, राजस्व को करोड़ों का चूना!


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15/05/2025 1:30 AM Total Views: 386565

रेत माफिया की खुलेआम लूट, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल !


सारनी। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार भले ही अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लाख दावे करे, लेकिन बैतूल जिले में रेत माफिया के आगे उसकी सारी कोशिशें बौनी साबित हो रही हैं। ‘परम’ डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी नदियों को लूटने में लगी हुई है, और हैरानी की बात यह है कि प्रशासन आंखें मूंदे हुए है। क्या सरकार वास्तव में रेत माफिया के आगे घुटने टेक चुकी है? यह सवाल अब स्थानीय जनता और पर्यावरण प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

अवैध खनन का बड़ा खेल:

बैतूल जिले की 42 खदानों का ठेका 27 करोड़ 27 लाख में ‘परम’ डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी को दिया गया है। लेकिन, इस कंपनी ने रेत माफिया के साथ मिलकर नदियों को लूटने का एक बड़ा खेल शुरू कर दिया है। जैसे कि मानो प्रशासन ने चोरों के हाथ में तिजोरी की चाबी थमा दी हो। खेरवानी की लोनिया खदान के नाम पर यह कंपनी लोनिया नदी का सीना चीरकर अवैध रेत परिवहन करवा रही है, जिससे लाखों का मुनाफा कमा रही है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कंपनी अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए विभिन्न चालाकियों का सहारा ले रही है।

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प्रशासन की चुप्पी पर सवाल:

स्थानीय निवासियों का मानना है कि खनिज विभाग जानबूझकर कंपनी के अवैध कारनामों पर पर्दा डाल रही है। क्या अधिकारियों को ‘मोटा’ कमीशन मिल रहा है, जो उन्हें कार्रवाई करने से रोकता है? इस सवाल ने लोगों में जिज्ञासा व्याप्त कर दिया है। कंपनी अपनी चालाकी से जिला प्रशासन को गुमराह कर रही है, और इसमें कुछ अधिकारी अपने कर्तव्य को भूलकर चंद पैसों के लिए पद का दुरुपयोग कर सहयोग कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि रेत माफिया और कंपनी के बीच एक साठ-गांठ है, जो अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

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राजस्व को करोड़ों का नुकसान:

सूत्रों के अनुसार, कंपनी को टेंडर के मुताबिक लोनिया खदान से लगभग 25 हजार घन मीटर रेत का वैध खनन करना है। लेकिन प्रत्येक दर्शियों के मुताबिक आवंटित खदान में रेत है ही नहीं। और असलियत यह है कि कंपनी कुछ अधिकारियों और स्थानीय रेत माफिया के साथ मिलकर खदान के आसपास की नदियों से अवैध परिवहन करवा रही है, जिसमें वन्य क्षेत्र तो खोखला हो ही रहा है। और बिना रॉयल्टी के रेत सप्लाई करने से राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है।

1 हजार रुपए डब्लूआर, 3 हजार रुपए रॉयल्टी

क्षेत्र के रेत सप्लायरों ने बताया कि कंपनी के संरक्षण में चल रहे ट्रैक्टर द्वारा नगरीय क्षेत्र में 2 हजार रुपए में रेत डाल दिया जाता है। और रॉयल्टी की कीमत 3 हजार रुपए है। अगर रॉयल्टी लेकर रेत मार्केट में बेचने जाएंगे तो लोग हमसे ना लेकर कंपनी से ही रेत लेंगे हमसे 4 हजार रुपए में रेत कौन खरीदेगा इसीलिए हमें मजबूरन हजार रुपए बिना रॉयल्टी पर रेत लेना पड़ रहा है। यह कंपनी की चालाकी है और हमारी मजबूरी। यह स्थिति नए सप्लायरों को भी दुविधा में डाल रही है, जो इस अवैध व्यापार के चलते हजार रुपए बिना रॉयल्टी लेने के लिए मजबूर हैं।

कंपनी की अनियंत्रित गतिविधियाँ:

कंपनी के केयरटेकर चंद्र प्रकाश मिश्रा का दावा है कि बिना रॉयल्टी रेत परिवहन किया जाए, बाकी वे सब संभाल लेंगे। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि अधिकारियों के दौरे के दौरान सामने आई गाड़ियों पर कार्रवाई होती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध गतिविधियाँ जारी रहती हैं। सूत्रों का कहना है कि बिना रॉयल्टी के रेत परिवहन की गिनती राजस्व पोर्टल में एंट्री नहीं होती, जिससे अवैध रूप से उठ रहे खनिज का सारा पैसा कंपनी की जेब में जा रहा है।

पर्यावरण पर प्रभाव:

इस अवैध रेत खनन का पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। नदियों का जल स्तर घटने, पारिस्थितिकी तंत्र के असंतुलन, और आसपास के क्षेत्रों में भूमि कटाव जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासी और पर्यावरण संरक्षण संगठन इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सवालों के घेरे में प्रशासन:

यह सवाल उठता है कि क्या यह कंपनी प्रशासन को खुलेआम चुनौती नहीं दे रही है? आखिर कब तक यह लूट जारी रहेगी? क्या मोहन सरकार रेत माफिया पर नकेल कस पाएगी या ‘परम’ कंपनी यूं ही नदियों को लूटती रहेगी और सरकार को करोड़ों का चूना लगाती रहेगी?

वन्य सीमा से हो रहे अवैध खनन को लेकर उत्तर वन मंडल परिक्षेत्र सारणी के रेंजर से 9424790309 संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।

इनका कहना है :—

  • लोनिया खदान से सारणी सहित अन्य क्षेत्रों में बिना रॉयल्टी के रेत परिवहन कर रहे हैं की जानकारी मिली, मैं खनिज विभाग से भी जानकारी लेता हूं जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। 

अभिजीत सिंह, एसडीएम शाहपुर

 

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