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लोकायुक्त का छापा: ट्राइबल विभाग का कर्मचारी 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार – Madhya Pradesh Voice

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लोकायुक्त का छापा: ट्राइबल विभाग का कर्मचारी 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार


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04/11/2026 12:47 AM Total Views: 500146

ईएमडी की राशि लौटाने के एवज में मांगी थी घूस, कूलर के नीचे छिपाया था रुपयों से भरा लिफाफा

छिंदवाड़ा। जिले में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित आदिवासी विकास (ट्राइबल) विभाग में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। लोकायुक्त की टीम ने विभाग में पदस्थ कर्मचारी ललित अहिरवार को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी ने रिश्वत की यह रकम एक ठेकेदार से उसकी जमा ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) राशि वापस कराने के एवज में मांगी थी।

कुलर के नीचे छिपा दी थी रकम

मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदार सौरभ मिश्रा ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी कि ट्राइबल विभाग का कर्मचारी ललित अहिरवार उनकी अटकी हुई ईएमडी राशि वापस कराने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत की तस्दीक होने के बाद मंगलवार को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही सौरभ मिश्रा ने आरोपी ललित अहिरवार को रिश्वत के 4 हजार रुपये दिए, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। घबराकर आरोपी ने रुपयों से भरा लिफाफा तुरंत वहां रखे कूलर के नीचे छिपा दिया। टीम ने तलाशी लेकर वह लिफाफा बरामद कर लिया।

हाथों में लगा केमिकल, खुल गई पोल

लोकायुक्त टीम ने जब आरोपी ललित अहिरवार के हाथों का केमिकल टेस्ट (हाथ धुलवाए) कराया, तो उसके हाथों का रंग गुलाबी हो गया, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि उसने रिश्वत की रकम अपने हाथों से ली थी।

28 हजार की ईएमडी वापसी के लिए हो रहा था परेशान

शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा ने बताया कि नवेगांव में एक छात्रावास की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इस प्रक्रिया में 52 में से 24 टेंडर पिछले छह महीनों में निरस्त कर दिए गए थे। इसी सिलसिले में उनकी 28 हजार रुपये की ईएमडी राशि विभाग के पास जमा थी, जिसे वापस किया जाना था। आरोप है कि यह राशि वापस दिलाने के नाम पर ललित अहिरवार पिछले डेढ़ महीने से उन्हें लगातार परेशान कर रहा था और 4 हजार रुपये घूस मांग रहा था। लगभग एक महीने पहले भी इस संबंध में बातचीत हुई थी, जिसके बाद तंग आकर उन्होंने लोकायुक्त की शरण ली।

कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप

लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे कलेक्ट्रेट और विशेषकर ट्राइबल विभाग में हड़कंप मच गया। फिलहाल लोकायुक्त की टीम विभाग में बैठकर संबंधित दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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