नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सारणी का विकास: हवा के एक झोंके ने खोली गुणवत्ताहीन निर्माण की पोल, ताश के पत्तों की तरह ढही पार्क की फेंसिंग – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सारणी का विकास: हवा के एक झोंके ने खोली गुणवत्ताहीन निर्माण की पोल, ताश के पत्तों की तरह ढही पार्क की फेंसिंग


WhatsApp Icon

02/06/2026 6:36 PM Total Views: 500766

बैतूल/सारणी। नगर पालिका परिषद सारणी क्षेत्र में विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर किस कदर जनता के गाढ़े पसीने की कमाई को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण वार्ड क्रमांक 1 (राधाकृष्णन वार्ड) में देखने को मिला है। यहां बच्चों के खेलने के लिए प्रस्तावित पार्क और अतिक्रमण रोकने के लिए लगाई गई लाखों रुपये की फेंसिंग हवा के एक मामूली झोंके का भी सामना नहीं कर सकी और ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस घटना ने नगर पालिका के अधिकारियों और उनके ‘चहेते ठेकेदारों’ के बीच पनप रहे भ्रष्टाचार के मजबूत गठजोड़ की पोल खोल कर रख दी है।

सौंदर्यीकरण के नाम पर सिर्फ ठेकेदारों की जेबें भरने का खेल

नगर पालिका द्वारा वार्डों में खाली पड़ी जमीनों को अतिक्रमणकारियों से बचाने और बच्चों के लिए क्रीड़ांगन (पार्क) विकसित करने के उद्देश्य से सीमेंट पिलर और स्टील नेट से चैन-लिंक फेंसिंग का कार्य कराया जा रहा था। उद्देश्य भले ही नेक था, लेकिन पालिका परिषद अपनी पुरानी कार्यप्रणाली से बाज नहीं आई। आरोप है कि यह पूरा काम बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के सिर्फ चहेते ठेकेदारों की जेबें भरने के लिए सौंप दिया गया। ठेकेदार द्वारा निर्माण में खुलेआम गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी जांच करने की जहमत किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने नहीं उठाई। और सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना जरूरी नहीं समझा गया।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ‘विकास’

कुदरत को शायद जनता के पैसों की यह खुली लूट मंजूर नहीं थी। हाल ही में आई तेज हवा के एक झोंके ने इस ‘कागजी विकास’ को जमींदोज कर दिया। नवनिर्मित फेंसिंग के सीमेंट पिलर और जाली पूरी तरह से धराशायी हो गए। अब इस घटिया निर्माण के वीडियो स्थानीय नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल किए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जो सीमेंट पिलर लगाए गए थे, उनमें न तो लोहे की सरिया का इस्तेमाल किया गया है और न ही मानक स्तर के कंक्रीट का। पिलर अंदर से पूरी तरह खोखले और भुरभुरे नजर आ रहे हैं।

नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत पर उठ रहे सवाल

वार्ड के नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों के बीच अब यह कयास भी तेज हो गए हैं कि फेंसिंग में इस्तेमाल किए गए यह घटिया पिलर जरूर किसी सत्ताधारी नेता की फैक्ट्री से ही सप्लाई किए गए हैं, जिसके दबाव में आकर अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं।

इस पूरे मामले ने नगर पालिका के उप यंत्री (सब-इंजीनियर) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आखिर किस आधार पर और किस गुणवत्ता परीक्षण के बाद उप यंत्री ने इस घटिया सामग्री को पास कर दिया? क्या पिलर लगाने से पहले या कार्य के दौरान किसी जिम्मेदार ने मौके का मुआयना किया था, या फिर वातानुकूलित (एसी) कमरों में बैठकर ही हवा-हवाई तरीके से गुणवत्ताहीन पिलरों को हरी झंडी दे दी गई? क्या ‘टेबल के नीचे’ हुए सौदों के कारण जनता के पैसों को यूं ही बर्बाद होने दिया जाएगा?

क्या होगी कार्रवाई?

यह पूरा वाकया नगर पालिका के अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच चल रहे उस कमीशनखोरी के खेल को उजागर करता है, जहां कागजों पर काम सौ फीसदी मुकम्मल होता है, लेकिन जमीन पर वह हवा के एक झोंके में उड़ जाता है। अब देखना यह है कि क्या उच्चाधिकारी इस वायरल वीडियो और स्पष्ट भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेते हुए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर संबंधित उप यंत्री पर कोई कठोर कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा। जनता जवाब मांग रही है।

  • 👉 नगर पालिका में हो रही गुणवत्ताहीन कार्यों को लेकर नगर पालिका परिषद सारणी सीएमओ एवं उपन्यत्री रविंद्र वराठे से चर्चा हेतु बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उन्होंने हमारा फोन रिसीव नहीं किया।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30