नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
15 साल कोर्ट में लड़े, जीते, फिर भी खाली हाथ: म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी के बीमार रिटायर्ड इंजीनियर ने दी आमरण अनशन की चेतावनी – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

15 साल कोर्ट में लड़े, जीते, फिर भी खाली हाथ: म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी के बीमार रिटायर्ड इंजीनियर ने दी आमरण अनशन की चेतावनी


WhatsApp Icon

18/05/2026 1:51 PM Total Views: 408720

बैतूल/सारनी। न्याय मिलने में देरी को अक्सर न्याय न मिलने के समान माना जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) सारनी का एक मामला इससे भी एक कदम आगे है। यहाँ एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को माननीय उच्च न्यायालय से 15 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अपने पक्ष में फैसला तो मिल गया, लेकिन प्रबंधन की लालफीताशाही और संवेदनहीनता के कारण एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका हक नहीं मिला है।

प्रबंधन की इस उदासीनता से त्रस्त होकर और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता (जूनियर इंजीनियर) श्री अखिलेश तिवारी ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने मुख्य अभियंता (उत्पादन) को 45 दिवसीय नोटिस सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे 18 मई 2026 से कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

क्या है पूरा मामला?

अखिलेश तिवारी की प्रथम नियुक्ति 1987 में कार्यालय सहायक श्रेणी-3 के रूप में हुई थी। उच्च शिक्षा (डिप्लोमा) के आधार पर 2003 में उनका पदनाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (प्रशिक्षु) कर दिया गया। 34 वर्ष की लंबी सेवा के बाद 31 जनवरी 2021 को वे सेवानिवृत्त हुए। विवाद की शुरुआत तब हुई जब 2008 में उनका वेतन निर्धारण 8900/- रुपये बेसिक पर किया गया, लेकिन 2009 में कंपनी ने अचानक इसे घटाकर 8300/- रुपये कर दिया।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

इसके खिलाफ श्री तिवारी ने 2010 में जबलपुर उच्च न्यायालय में रिट याचिका (क्रमांक 452/2010) दायर की। 15 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद, 24 फरवरी 2025 को माननीय न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बावजूद कंपनी ने दुर्भावनापूर्ण रवैया अपनाते हुए अब तक उनके लंबित एरियर्स और अन्य भुगतानों को रोक रखा है।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं तिवारी, जान का खतरा

इस पूरे प्रकरण का सबसे मानवीय और दुखद पहलू श्री तिवारी का गिरता स्वास्थ्य है। पद परिवर्तन के बाद शिफ्ट ड्यूटी और अत्यधिक तनाव के कारण वे 2003 से ही गंभीर डायबिटीज के शिकार हैं। हाल ही में उन्हें एक मेजर हार्ट अटैक (दिल का दौरा) भी आ चुका है, जिसका इलाज नागपुर के अस्पताल में चल रहा है। श्री तिवारी ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि वर्तमान में वे अत्यंत अस्वस्थ हैं और यदि अनशन के दौरान उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसका सीधा असर उनके परिवार पर पड़ेगा और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय प्रबंधन की होगी।

ये हैं प्रमुख लंबित भुगतान, जिनका वर्षों से है इंतजार

वर्ष 2003 से 2021 तक के वेतन निर्धारण की लंबित एरियर्स राशि। छठवें और सातवें वेतनमान के निर्धारण की अंतर राशि और लाखों रुपये का लंबित एरियर्स। सेवानिवृत्ति (31/01/2021) से अब तक संशोधित पेंशन (PPO) आदेश का न मिलना और पेंशन का एरियर्स। 300 दिनों के अवकाश नकदीकरण की अंतर राशि। ग्रेच्युटी की बकाया 10% अंतर राशि और कम्युटेशन आदेश।

शासन-प्रशासन तक पहुँचाई गई बात

श्री तिवारी ने अपने इस 45 दिवसीय आमरण अनशन के नोटिस की प्रतिलिपि मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग, माननीय मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव (ऊर्जा), प्रबंध निदेशक (MPPGCL) सहित बैतूल जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और स्थानीय प्रशासन (तहसीलदार, थाना प्रभारी) को भी रिसीव करवा दी है। दस्तावेजों पर लगी तमाम सरकारी मुहरें इस बात की गवाह हैं कि प्रशासन के हर स्तर पर इस मामले की सूचना दे दी गई है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या एक बुजुर्ग और बीमार कर्मचारी को अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई और कानूनी रूप से जीते गए हक को पाने के लिए अपनी जान दांव पर लगानी पड़ेगी? क्या म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी का स्थानीय प्रबंधन 18 मई से पहले जागकर इस मानवीय संवेदना से जुड़े मामले का निराकरण करेगा, या फिर एक बुजुर्ग को आमरण अनशन की बलिवेदी पर चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा?

इनका कहना है:—

व्यक्ति गलत आरोप लगाकर बैठे हुए है उनको एक इंक्रीमेंट मिलना था लेकिन गलती से तीन इंक्रीमेंट चले गए वास्तविकता सामने आने के बाद विभाग द्वारा दो इंक्रीमेंट कम कर दिए गए। अब शिकायतकर्ता का कहना है कि मुझे वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) वापस की जाए। दरअसल आज शाम तक एकाउंट ऑफिस से जानकारी मिल जाएगी और हिसाब पूरा कर दिया जाएगा।

एस.के. लिलहौरे, मुख्य अभियंता, मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी सारणी

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031