नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह का अस्पताल बना ‘प्राइवेट दुकान’: ब्लड टेस्ट के नाम पर मरीजों से खुली लूट – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह का अस्पताल बना ‘प्राइवेट दुकान’: ब्लड टेस्ट के नाम पर मरीजों से खुली लूट


WhatsApp Icon

08/03/2026 10:09 PM Total Views: 460577

सारनी। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (सारनी) का एरिया अस्पताल इन दिनों मरीजों की सेवा के बजाय निजी कमाई का एक बड़ा अड्डा बन चुका है। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर यहां एक सुनियोजित ‘वसूली का खेल’ चल रहा है, जहां एक ठेका कर्मचारी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को अपनी जेब भरने का जरिया बना लिया है।

डॉक्टरों और ठेका कर्मचारी का ‘सिंडिकेट’

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में मरीजों को अनावश्यक रूप से डराकर उनके बेवजह ब्लड टेस्ट लिखे जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल के लैब में काम करने वाले रेहान नामक ठेका कर्मचारी को सीधा फायदा पहुंचाना है। यह कर्मचारी शॉपिंग सेंटर में अपनी एक निजी पैथोलॉजी लैब चलाता है। अस्पताल आने वाले भोले-भाले मरीजों को इलाज के दौरान डराया जाता है और जांच के बहाने सीधे इस ठेका कर्मचारी की प्राइवेट लैब में भेज दिया जाता है, जहां उनसे मनमानी रकम ऐंठी जाती है।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

मरीजों की आपबीती: 60 रुपए की पर्ची, 200 रुपए की वसूली

इस पूरे गोरखधंधे का शिकार हुए अजीत मालवीय और मदन दसाना ने शुक्रवार को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि, वे अपना ब्लड ग्रुप चेक करवाने पावर जनरेटिंग कंपनी के अस्पताल गए थे। वहां उन्होंने नियमानुसार 60 रुपए की सरकारी पर्ची कटवाई। जब वे पर्ची लेकर अस्पताल की लैब में पहुंचे, तो वहां काम कर रहे ठेका कर्मचारी रेहान ने उन्हें भटका कर शॉपिंग सेंटर स्थित अपनी प्राइवेट लैब में भेज दिया। वहां ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई और उनसे 200 रुपए अतिरिक्त वसूले गए।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

अजीत मालवीय का सीधा और वाजिब सवाल है कि “अगर मुझे प्राइवेट लैब में ही टेस्ट करवाना था, तो मैं अस्पताल क्यों जाता? और जब मुझसे 60 रुपए की अस्पताल की पर्ची कटवाई गई थी, तो प्राइवेट लैब में 200 रूपए किस बात के लिए गए?”

कर्मचारियों की कानाफूसी: परिचितों को छूट, अनजान से लूट

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह है, जो खुलकर सामने नहीं आ रहा बल्कि दबी जुबान में अस्पताल के गलियारों में तैर रहा है। एमपीपीजीसीएल के इस अस्पताल को अब पूरी तरह से एक निजी व्यवसाय की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

अस्पताल के ही कुछ कर्मचारियों की आपसी फुसफुसाहटों पर गौर करें, तो कहानी और भी काली है। उनका दबी जुबान में कहना है कि अगर कोई मरीज इस ठेका कर्मचारी या यहां के स्टाफ का ‘परिचित’ होता है, तो उसकी चिकित्सा और जांच अस्पताल की 60 रुपए की पर्ची पर ही कर दी जाती है। लेकिन जैसे ही कोई अनजान या बाहर का व्यक्ति आता है, उसे डराकर प्राइवेट लैब भेज दिया जाता है और उससे 200 रुपए या उससे अधिक की वसूली की जाती है। यह दावा हम नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह खुद अस्पताल परिसर में गूंज रही हकीकत है।

मुख्य अभियंता से कार्रवाई की मांग 

इस पूरे खेल में बीमारी के नाम पर मरीजों को डराकर उसे कमाई का जरिया बना लिया गया है। आम जनता की जेबों पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। अब आक्रोशित लोगों ने मुख्य अभियंता से शिकायत कर मांग करेंगे कि एरिया अस्पताल में ब्लड जांच के नाम पर चल रहे इस भ्रष्टाचार और वसूली के खेल को तत्काल बंद कराया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31