नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
डब्ल्युसीएल पाथाखेड़ा: ठेकेदारों की ‘महा-लूट’ और प्रबंधन की बेबसी, 27 फरवरी से कोयलांचल में अनिश्चितकालीन महा-आंदोलन – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

डब्ल्युसीएल पाथाखेड़ा: ठेकेदारों की ‘महा-लूट’ और प्रबंधन की बेबसी, 27 फरवरी से कोयलांचल में अनिश्चितकालीन महा-आंदोलन


WhatsApp Icon

26/02/2026 11:22 PM Total Views: 361146

सारणी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (WCL) के पाथाखेड़ा क्षेत्र में कार्यरत ठेका मजदूरों का आक्रोश अब अपने चरम पर पहुंच गया है। वेतन भुगतान में अनियमितता, जबरन काम से रोके जाने और बैंक खातों से हो रही कथित अवैध वसूली जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर मजदूरों ने 27 फरवरी 2026 से जीएम ऑफिस तिराहा, पाथाखेड़ा में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का शंखनाद कर दिया है।

प्रबंधन की चेतावनियों को ठेकेदारों का ठेंगा

डब्ल्युसीएल प्रबंधन इस आसन्न संकट से भली-भांति वाकिफ था। ठीक 7 दिन पहले, प्रबंधन ने कोयलांचल क्षेत्र में ठेका लेने वाले 17 ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी थी कि वे मजदूरों का शोषण तुरंत बंद करें और उनके श्रम का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करें। प्रबंधन ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि मजदूरों द्वारा आंदोलन किया जाता है, तो डब्ल्युसीएल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

आंदोलन की तारीख नजदीक आते देख, आज प्रबंधन ने आनन-फानन में इन ठेकेदारों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में ठेकेदारों को पुनः पूर्ण भुगतान के लिए समझाया गया, किंतु सत्ता और लालच के नशे में चूर इन ठेकेदारों ने प्रबंधन की बातों को सिरे से नकार दिया। ठेकेदारों ने साफ और अड़ियल लहजे में कह दिया, “हम मजदूरों पर एक पैसा नहीं छोड़ेंगे। हम जितना देंगे, मजदूरों को उतना ही लेना होगा।”

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

मुनाफे की अंधी हवस: 150 मजदूरों से 34 लाख की उगाही

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब इन ठेकेदारों ने डब्ल्युसीएल से टेंडर लिया था, तो क्या उस टेंडर की शर्तों में यह भी शामिल था कि वे मजदूरों की खून-पसीने की कमाई का हिस्सा भी डकार जाएंगे?

आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति और भी भयावह नजर आती है। एक ठेकेदार को एक मजदूर के पीछे प्रतिमाह लगभग 23,000 रुपये का मुनाफा होता है। इस हिसाब से यदि केवल 150 मजदूरों का आकलन किया जाए, तो लगभग 34 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि अवैध रूप से उगाई जा रही है। इन लालची ठेकेदारों के पेट इतने बड़े हो चुके हैं कि इनकी इस बेतहाशा भूख को शांत करना अब शायद डब्ल्युसीएल प्रबंधन के बस में भी नहीं रहा।

पूर्व के वादे और मजदूरों के साथ धोखा

मजदूरों की यह पीड़ा रातों-रात नहीं उपजी है। यह लंबे समय से चले आ रहे शोषण का परिणाम है। 4 फरवरी 2026 को हुए तीन दिवसीय प्रदर्शन के बाद 9 सूत्रीय मांगों पर प्रबंधन से चर्चा हुई थी। कुछ आश्वासनों के बावजूद, आज तक ठोस कार्रवाई शून्य है। कंपनी द्वारा निर्धारित दर पर पूर्ण वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन महीनों तक लंबित रहता है और हद तो तब हो जाती है जब बैंक खातों में जमा राशि का एक-तिहाई हिस्सा दबंगई से वापस निकाल लिया जाता है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी के कारण कई मजदूरों को खदान में काम पर जाने से जबरन रोका जा रहा है। 9 फरवरी को पुनः आवेदन देकर क्षेत्रीय प्रबंधक एवं एस.ओ. माइनिंग को अवगत कराया गया, परंतु नतीजा सिफर ही रहा।

बदहाली की कगार पर श्रमिक परिवार

वेतन के इस गंभीर संकट के कारण श्रमिक परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक गर्त में धकेल दिए गए हैं। बच्चों की स्कूल फीस से लेकर, बीमारी का इलाज और दैनिक जरूरतें पूरी करना नामुमकिन होता जा रहा है। इस तनाव ने उनके पारिवारिक जीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है।

डब्ल्युसीएल प्रबंधन के सामने खड़े सुलगते सवाल

मजदूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पाथाखेड़ा में सुलग रही श्रमिक असंतोष की यह चिंगारी अब एक भयंकर ज्वाला का रूप ले चुकी है। ऐसे में डब्ल्युसीएल प्रबंधन से कुछ सीधे सवाल पूछे जाने चाहिए। नुकसान की भरपाई कौन करेगा? क्या डब्ल्युसीएल को इस बड़े आंदोलन के दौरान होने वाले करोड़ों के नुकसान की भरपाई इन लालची ठेकेदारों द्वारा की जाएगी? पेनल्टी कब लगेगी? टेंडर की शर्तों के अनुसार सुचारू रूप से कार्य न कर पाने और औद्योगिक अशांति फैलाने वाले इन ठेकेदारों पर डब्ल्युसीएल भारी पेनल्टी कब लगाएगा?

यदि तत्काल उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और समयबद्ध पूर्ण वेतन भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 27 फरवरी से होने वाले इस ऐतिहासिक आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी डब्ल्युसीएल प्रबंधन और इन बेलगाम ठेकेदारों की होगी।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728