नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
श्रमिकों के शोषण पर ब्रेक! BEMS की चेतावनी के बाद प्रबंधन को 7 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की तैयारी – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

श्रमिकों के शोषण पर ब्रेक! BEMS की चेतावनी के बाद प्रबंधन को 7 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की तैयारी


WhatsApp Icon

19/07/2025 10:41 AM Total Views: 416619

सारणी। सतपुड़ा प्लांट में ठेका श्रमिकों के शोषण के खिलाफ भारतीय मजदूर ठेका श्रमिक संघ (BEMS) और भारतीय मजदूर संघ (BMS) का दो दिवसीय धरना प्रदर्शन भले ही स्थगित हो गया हो, लेकिन यह लड़ाई अभी थमी नहीं है। BEMS ने प्लांट प्रबंधन को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है, जिसके भीतर श्रमिकों की सभी जायज मांगों का निराकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

गुरुवार को सतपुड़ा प्लांट के 7 नंबर गेट पर चल रहे धरने के दूसरे दिन BEMS के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं ठेका श्रमिक संघ के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर, BMS के विभाग प्रमुख विनय डोंगरे, BMS जिला मंत्री पंजाब राव गायकवाड, BMS ब्लॉक अध्यक्ष संजय ठाकुर, कमल जैन प्रदेश प्रभारी कर्मचारी उत्पादक संघ विद्युत मंडल, हरिओम कुशवाहा नगरीय निकाय सह प्रभारी, BMS के वरिष्ठ सदस्य विजय पडलक और निराकार सागर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

“श्रमिकों की जीत निश्चित, शोषण का अंत भी तय”

अपने उद्बोधनों में नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि सतपुड़ा प्लांट के ठेका श्रमिकों के हितों की लड़ाई अब BEMS और BMS लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में जीत अब श्रमिकों के हित में ही होगी। उन्होंने कहा कि थोड़ा वक्त लग सकता है, परंतु श्रमिक हित में जीत अब निश्चित है और सतपुड़ा प्लांट में श्रमिकों के शोषण का समापन भी तय है।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

जाम से बनी स्थिति, पुलिस ने संभाला मोर्चा

प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर सड़क जाम की भी स्थिति बन गई थी, लेकिन पुलिस विभाग ने तत्परता दिखाते हुए ठेका श्रमिकों को इधर-उधर कर मार्ग को सुचारू रखा।

हाउसकीपिंग श्रमिकों ने बताई आपबीती, 7500 में होता है गुजारा

प्रदर्शन के दौरान सतपुड़ा प्लांट के सीएचपी में कार्यरत हाउसकीपिंग के ठेका श्रमिकों की संख्या ज्यादा रही। उन्होंने खुले मंच पर बताया कि उन्हें पूरे महीने काम करा कर मासिक वेतन 7500 रुपये के आसपास दिया जाता है और कम वेतनमान पर जब वे लोकनाथ कंपनी के अधिकारियों से चर्चा करते हैं तो उन्हें काम से निकालने की धमकी दी जाती है।

इस प्रकार प्लांट में कार्यरत ऑपरेटर, वेल्डर, रिगर, डोजर ऑपरेटर सभी ने अपनी आपबीती बताई कि उनसे कितना ज्यादा काम करा कर कंपनी उन्हें कितना कम वेतनमान दे रही है।

बैठक में 7 दिन का अल्टीमेटम, धमकी देने पर होगी कार्रवाई

श्रमिकों से चर्चा कर BEMS और BMS के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय में भी बैठक की। बैठक में मुख्य अभियंता वी. के. कैथवार के अलावा शासन की ओर से तहसीलदार संतोष पधोरिया, श्रम कल्याण अधिकारी नरेश पनवार और विधायक प्रतिनिधि संजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से विषय रखा कि श्रमिकों के शोषण की समस्या का निराकरण 7 दिनों के भीतर करवाइए और अब कोई भी कंपनी का पदाधिकारी किसी भी ठेका श्रमिक को धमकाने की कोशिश ना करें।

बैठक में ठेका श्रमिक संघ की ओर से अध्यक्ष राजेंद्र सागर, महामंत्री विनोद भारती, सुनील भारद्वाज, दीपक भुमरकर, प्रकाश गाटे, संजय यादव, राजकुमार मालवीय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

क्या प्रबंधन झुकेगा?

BEMS की चेतावनी के बाद अब सबकी निगाहें सतपुड़ा प्लांट प्रबंधन पर टिकी हैं। क्या प्रबंधन श्रमिकों की जायज मांगों को मानकर उन्हें राहत देगा या फिर BEMS को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा? यह आने वाले 7 दिनों में साफ हो जाएगा।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930