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महिला एवं बाल विकास में ‘घोटालेबाज’ CDPO की ‘दादागिरी’! कलेक्टर को खुली चुनौती, ‘मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, भोपाल तक है सेटिंग’! – Madhya Pradesh Voice

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महिला एवं बाल विकास में ‘घोटालेबाज’ CDPO की ‘दादागिरी’! कलेक्टर को खुली चुनौती, ‘मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, भोपाल तक है सेटिंग’!


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16/05/2025 1:05 AM Total Views: 463467

बैतूल/सारनी। बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग में फर्जी भर्ती का मामला प्रकाश में आया है, जिसने न केवल विभाग की छवि को धूमिल किया है, बल्कि क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच एक बड़ा विवाद भी उत्पन्न कर दिया है। इस घोटाले का मास्टरमाइंड चयेन्द्र बुड़ेकर का नाम सामने आया है, जो चिचोली परियोजना में सीडीपीओ के पद पर कार्यरत हैं।

फर्जी भर्ती का खुलासा

सूत्रों के अनुसार, चयेन्द्र बुड़ेकर ने प्राइवेट ब्लॉक कोऑर्डिनेटर विवेक भारद्वाज के साथ मिलकर नोटिस घोटाले को अंजाम दिया। इस घोटाले के तहत, उन्होंने दो महीने के भीतर करीब 70 कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर को फर्जी नोटिस जारी किए, जिससे वे अवैध रूप से धन उगाही कर रहे थे। यह मामला तब उजागर हुआ जब स्थानीय मीडिया ने इस पर रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें आरोप लगाया गया कि ये दोनों अधिकारी विभाग की प्रणाली का दुरुपयोग कर रहे हैं।

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कलेक्टर की कार्रवाई

29 अप्रैल को जब इस घोटाले की खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई, तब चयेन्द्र बुड़ेकर और विवेक भारद्वाज ने अपने कार्यस्थल से छुट्टी ले ली। इसके बाद, 6 मई को एक और रिपोर्ट में यह बताया गया कि कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए प्रतिवेदन मांगा था। सूत्रों का कहना है कि बुड़ेकर ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए कलेक्टर को गुमराह करने के लिए गलत जांच रिपोर्ट तैयार की।

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भ्रष्टाचार का खुलासा

चयेन्द्र बुड़ेकर ने एक मीटिंग के दौरान अपनी स्थिति को मजबूत बताने के प्रयास में कहा कि “कलेक्टर साहब से बात हो गई है, किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होगी।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी बात भोपाल तक पहुंच चुकी है, जिससे उन्हें लगता है कि कोई भी कारवाई उनके खिलाफ नहीं होगी। इस तरह की बातें तेजी से जिले में फैल गईं और आम जनता में इन अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश पैदा हुआ।

जांच की आवश्यकता

इस स्थिति में, यह स्पष्ट हो गया है कि कलेक्टर को इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से जांच अधिकारी नियुक्त नहीं करना चाहिए, बल्कि स्वयं कलेक्टर कार्यालय से जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की जांच करानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि फर्जी नोटिस के माध्यम से कैसे पैसे की उगाही की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन से लोग शामिल थे।

इस मामले में कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कदम उठाए जा रहे है। कलेक्टर साहब को चाहिए कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और सुनिश्चित करें कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इस घोटाले ने न केवल विभाग की छवि को धूमिल किया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ अधिकारी अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकारी प्रणाली का दुरुपयोग कर सकते हैं।

क्या होगा CDPO और BC पर एक्शन?:

मामले में निश्चित ही हमारी खबर पर मोहर लगते हुए नोटिस घोटाले में चिचोली परियोजना प्रभारी चयेन्द्र बुड़ेकर और महिलाओं पर बुरी नजर रखने वाले BC विवेक भारद्वाज पर विभागीय कार्रवाई की जांच गिरेगी।

अब सभी की नजरें कलेक्टर की कार्रवाई पर हैं, यह देखना है कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या चयेन्द्र बुड़ेकर और विवेक भारद्वाज पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह मामला निश्चित रूप से बैतूल जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।

इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास बैतूल के दूरभाष पर संपर्क किया लेकिन पत्रकार का नंबर देख कॉल रिसीव नहीं किया गया।

इनका कहना है –

  • मुझपर लगाए गए आरोप गलत है। मै सिर्फ बीसी में गया था, मेरी बात किसी से नहीं हुई।

सीडीपीओ, महिला बाल विकास केंद्र चिचोली

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