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बैतूल में बड़ा एक्शन: आदिवासी छात्रावास के अधीक्षक निलंबित, छात्रों से 6, 6 हजार वसूलने और बदसलूकी का आरोप, कलेक्टर ने तत्काल की कार्रवाई – Madhya Pradesh Voice

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बैतूल में बड़ा एक्शन: आदिवासी छात्रावास के अधीक्षक निलंबित, छात्रों से 6, 6 हजार वसूलने और बदसलूकी का आरोप, कलेक्टर ने तत्काल की कार्रवाई


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27/01/2026 8:14 PM Total Views: 363052

बैतूल। जिले के हमलापुर स्थित सीनियर आदिवासी शासकीय बालक छात्रावास में चल रही मनमानी और भ्रष्टाचार पर प्रशासन का डंडा चला है। छात्रावास के अधीक्षक राजू इवने द्वारा छात्रों से अवैध वसूली, दुर्व्यवहार और अव्यवस्थाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मंगलवार को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

मंगलवार को छात्रावास की बदहाली और अधीक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर दर्जनों छात्र लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। छात्रों ने कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को अपनी आपबीती सुनाई और एक लिखित आवेदन सौंपा। इस शिकायती पत्र पर 21 छात्रों के हस्ताक्षर थे, जो मामले की गंभीरता को बयां कर रहे थे।

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छात्रों ने आरोप लगाया कि अधीक्षक राजू इवने प्रवेश के समय से ही मनमानी कर रहे हैं। उनसे प्रवेश के नाम पर 6-6 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई। जब भी छात्र इसका विरोध करते या सुविधाओं की मांग करते, तो अधीक्षक उनके साथ अभद्र व्यवहार करते थे।

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नारकीय जीवन जीने को मजबूर छात्र: कच्चा खाना और गंदगी का अंबार

कलेक्टर के समक्ष छात्रों ने छात्रावास की दयनीय स्थिति का जो चित्र खींचा, वह चौंकाने वाला था। छात्रों को अक्सर अधपका और निम्न गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जाता है। छात्रावास के शौचालय कई-कई दिनों तक साफ नहीं किए जाते, जिससे गंदगी और बदबू का साम्राज्य है। बिजली की उचित व्यवस्था न होने के कारण छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी।

गद्दे के नाम पर वसूली और अनियमितता

मामले की तह तक जाने के लिए कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश दिए और मौके पर ही छात्रों के अभिभावकों से फोन पर चर्चा की। जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ। अभिभावकों ने बताया कि वसूली गई राशि का उपयोग गद्दे (Mattress) खरीदने के लिए किया जाना था।

नियमतः यह राशि छात्र समिति के पास होनी चाहिए थी और खरीदी भी समिति के माध्यम से होनी थी। लेकिन अधीक्षक राजू इवने ने नियमों को ताक पर रखकर यह राशि अपने पास रख ली और स्वयं ही खरीदी कर ली। कलेक्टर ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और पद का दुरुपयोग मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की।

कलेक्टर की संवेदनशीलता: अपनी गाड़ी से भिजवाया वापस

इस पूरे घटनाक्रम में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का एक मानवीय पहलू भी देखने को मिला। न केवल उन्होंने छात्रों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई (On-spot Action) की, बल्कि वे छात्रों की परेशानी को लेकर बेहद संवेदनशील नजर आए। शिकायत सुनने और कार्रवाई करने के बाद, कलेक्टर ने परेशान छात्रों को पैदल वापस भेजने के बजाय अपने सरकारी वाहन से ससम्मान छात्रावास वापस भिजवाया।

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