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बेटियों ने तोड़ी रूढ़िवादी बेड़ियाँ: शिक्षक पिता को बेटी ने दी मुखाग्नि, समाज को दिया सशक्त संदेश! – Madhya Pradesh Voice

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बेटियों ने तोड़ी रूढ़िवादी बेड़ियाँ: शिक्षक पिता को बेटी ने दी मुखाग्नि, समाज को दिया सशक्त संदेश!


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22/11/2025 10:23 PM Total Views: 363609

मुलताई। मुलताई के नेहरू वार्ड निवासी और शासकीय माध्यमिक शाला मालेगांव के सम्मानीय शिक्षक विजय साहू का बीते 21 नवंबर की शाम लगभग 6 बजे आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार के साथ-साथ समूचा शैक्षणिक समुदाय और उनके परिचित गहरे सदमे और शोक में डूब गए। एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक के रूप में पहचान रखने वाले विजय साहू के असमय चले जाने से एक शून्य सा पैदा हो गया है।

परंपराओं को चुनौती देती ‘सजल’ की हिम्मत:

शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे स्थानीय मुक्तिधाम में विजय साहू का अंतिम संस्कार किया गया। यह क्षण सिर्फ एक अंतिम विदाई का नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति का भी गवाह बना। जब मुखाग्नि देने का समय आया, तो सभी की आँखें नम थीं, लेकिन एक दृढ़ संकल्प मुक्तिधाम के सन्नाटे को चीरता हुआ उभरा। विजय साहू की बड़ी बेटी, सजल साहू ने सदियों पुरानी सामाजिक परंपराओं को तोड़ते हुए अपने पिता को मुखाग्नि देने का साहसिक निर्णय लिया। यह कदम न सिर्फ एक बेटी का अपने पिता के प्रति गहरा प्रेम और सम्मान था, बल्कि समाज को पितृसत्तात्मक रीति-रिवाजों की बेड़ियों से आज़ाद करने की दिशा में एक सशक्त मिसाल भी था।

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“मैं सिर्फ बेटी नहीं, पापा का बेटा भी हूँ!” – सजल साहू

भावुक कर देने वाले उन क्षणों के बीच, जब हर आँख से आँसू बह रहे थे, सजल साहू की आवाज़ में एक अटूट दृढ़ता थी। उन्होंने कहा, “मैं अपने पापा की बेटी ही नहीं, उनका बेटा भी हूँ। यह अंतिम कर्तव्य निभाना मेरे लिए सम्मान की बात है।” सजल के इन शब्दों ने मुक्तिधाम में मौजूद हर व्यक्ति को स्तब्ध कर दिया और गहरे चिंतन में डाल दिया। उनके चेहरे पर पिता को खोने का दर्द साफ झलक रहा था, लेकिन साथ ही अपने कर्तव्य को पूरा करने का आत्मबल और सम्मान भी स्पष्ट था।

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सजल के इस फैसले में उनकी छोटी बहन विशाखा साहू और मां संगीता साहू ने भी पूरा सहयोग दिया। दोनों बेटियों ने पिता की चिता के पास खड़े होकर पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। बेटी द्वारा पिता को मुखाग्नि देने के इस ऐतिहासिक निर्णय की मुक्तिधाम में मौजूद सभी लोगों ने खुले दिल से सराहना की।

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