नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
सारनी में 660 मेगावाट की नई विद्युत इकाई: विकास का नया अध्याय या पुरानी घोषणाओं की पुनरावृत्ति? – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

सारनी में 660 मेगावाट की नई विद्युत इकाई: विकास का नया अध्याय या पुरानी घोषणाओं की पुनरावृत्ति?


WhatsApp Icon

16/11/2025 11:26 AM Total Views: 363163

बैतूल/सारनी। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (STPS) में 660 मेगावाट की नई सुपरक्रिटिकल विद्युत इकाई की स्थापना को लेकर एक अहम और निर्णायक कदम उठाया गया है। वर्षों से लंबित इस परियोजना के लिए मध्य प्रदेश जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर होते ही, क्षेत्रवासियों की उम्मीदें एक बार फिर से परवान चढ़ गई हैं, जो लंबे समय से इस परियोजना के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

अनुबंध पर हस्ताक्षर: एक मील का पत्थर

MPPGCL और BHEL के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए और दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। अधिकारियों ने इस परियोजना को आधुनिकीकरण और राज्य की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया है। अनुबंध के तहत BHEL को नई इकाई के निर्माण, मशीनरी की आपूर्ति, तकनीकी सहयोग और निर्धारित समय-सीमा में परियोजना को पूर्ण करने जैसी प्रमुख जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। नई 660 मेगावाट इकाई की स्थापना से सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की कुल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जो मध्य प्रदेश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

पिछली घोषणा और वर्तमान संशय: लोगों के मन में खटक

जहां यह अनुबंध भविष्य के लिए आशा की किरण लेकर आया है, वहीं स्थानीय लोगों के मन में पिछली घोषणाओं को लेकर संशय अभी भी बरकरार है। पिछली सरकार के दौरान, एनटीपीसी का निरीक्षण, ग्रामीणों से प्रदूषण विभाग का संवाद और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा चुनाव से पहले इसी तरह की इकाई का डिजिटल उद्घाटन/शिलान्यास किया गया था। उस उद्घाटन के बावजूद, चुनाव के बाद न तो प्लांट का निर्माण शुरू हुआ और न ही रोजगार के अवसर सृजित हुए। यह घोषणा केवल एक चुनावी वादा बनकर रह गई थी, जिसने सारनी के युवाओं को गहरी निराशा दी थी।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार भी सरकार की वास्तविक मंशा क्या है, यह अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। वे इस नए अनुबंध को ठोस धरातल पर उतरता देखना चाहते हैं, ताकि यह केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित न रह जाए।

रोजगार और पलायन पर असर: 

युवाओं की उम्मीद सारनी क्षेत्र में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण यहां के युवा लगातार बड़े शहरों और अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। यह नई इकाई इन युवाओं के लिए आशा की सबसे बड़ी किरण है। बेरोजगार युवाओं का मानना है कि नई 660 मेगावाट इकाई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों नए अवसर खोलेगी। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और पलायन की समस्या कम होगी। परियोजना के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, परिवहन सुविधाओं और जनसुविधाओं में भी महत्वपूर्ण सुधार होने की संभावना है। स्थानीय लोगों ने अनुबंध हस्ताक्षर को विकास का नया अध्याय बताते हुए सरकार और संबंधित कंपनियों से परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने की पुरजोर मांग की है, ताकि यह घोषणा इस बार सच्चाई में बदल सके।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031