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कलेक्टर के संज्ञान में दिया था सारनी आंगनवाडी सहायिका नियुक्ति रिश्वत कांड, फिर भी वो मौन रहें.? मानो प्रभारी और बाबू को अभय वरदान दिया हो – Madhya Pradesh Voice

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कलेक्टर के संज्ञान में दिया था सारनी आंगनवाडी सहायिका नियुक्ति रिश्वत कांड, फिर भी वो मौन रहें.? मानो प्रभारी और बाबू को अभय वरदान दिया हो


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14/10/2025 10:39 AM Total Views: 421251

कुछ काला नही संगीता कि पूरी दाल काली दिख रही

सारनी। महिला बाल विकास परियोजना सारनी में सहायिका भर्ती गड़बड़ घोटाले को लेकर महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित जिला कलेक्टर, डीपीओ की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ रही है। क्योंकि सारनी परियोजना प्रभारी अधिकारी संगीता और सहायक ग्रेड 3 बाबू संजय द्वारा पैसे लेकर नियुक्ति करवाने को लेकर हमारे द्वारा पूर्व में ही 13 अगस्त को समाचार प्रकाशित कर बताया था कि सारनी परियोजना अंतर्गत वार्ड क्रमांक 12-2 में एक सहायिका और राधाकृष्ण वार्ड क्रमांक 2-3 में सहायिका कुल दो पदों पर नियुक्ति होनी है। जिसमें आवेदन की प्रारंभ तिथि 20/06/25 और अंतिम तिथि 4/07/25 थी। जिसमें आवेदन की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है जो पूर्ण हो चुकी है और भोपाल कार्यालय से मेरिट सूची परियोजना कार्यालय सत्यापन के लिए पहुंचाई गई है। अब मेरिट सूची के आधार पर परियोजना सीडीपीओ को सत्यापन करना है, किसके अंक ज्यादा है और किसके अंक कम सारी जानकारी सत्यापित कर एसडीएम को सौपना है। इसी बात और कार्य का फायदा उठाकर सारनी परियोजना प्रभारी और सहायक ग्रेड तीन बाबू पर रिश्वत मांगने के आरोप लग रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कार्यालय से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्रों ने हमें बताया कि दो पदों पर आवेदन की तिथि समाप्त होने के बाद भोपाल मुख्यालय से मेरिट सूची परियोजना कार्यालय में सत्यापन के लिए आई हुई है, जिसमें ऑनलाइन फॉर्म भरने वालों का सत्यापन होगा। जिसमें प्रभारी सीडीपीओ और बाबू को पहले ही पता है कि अंको के आधार पर किस महिला की सहायिका पद पर फाइनल नियुक्ति होगी। जिसका फायदा उठाकर हींग लगे ना फिटकरी रंग चोखा हो कि तर्ज पर परियोजना प्रभारी संगीता और सहायक ग्रेड 3 बाबू संजय उईके द्वारा कागज ऊपर कर आगे बढ़ाने के नाम से लेकर एसडीएम कार्यालय में फुल सेटिंग का हवाला देकर रिश्वत मांगने के आरोप लग रहे थे। रिश्वत मांगने के मामले को खबरों के माध्यम से जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के संज्ञान में लाया गया था, लेकिन उनके द्वारा महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी और बाबू को अभय वरदान देकर हमेशा कि तरह उनकी गलतियों पर पर्दा डालने का कार्य किया गया । जिससे इस रिश्वतखोरी में सभी की मिली भगत सामने आने लगी है। लोग बोल रहे हैं कलेक्टर से ऐसी उम्मीद नहीं थी।

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एक सहायिका की ज्वाइनिंग होने से शेष महिलाओं के सब्र का बांध टूटने लगा

चयनित आंगनवाड़ी सहायिकाओ पर लगी सभी आपत्तियों का निराकरण होने के बाद भी जॉइनिंग का मामला झमेले में पड़ा हुआ है। एक सहायिका की ज्वाइनिंग होने शेष महिलाओं के सब्र का बांध टूटने लगा है। देरी की वजह कुछ दाल में काला नजर आ रहा है।बताया जाता है कि चयनित आंगनवाड़ी सहायिकाओ पर अनावश्यक आपत्ति लगा दी गई थी। जिला महिला बाल विकास विभाग ने जांच के सभी आपत्तियों को निराधार पाया है। इसके बाद भी जॉइनिंग नहीं मिल रही है। चयनित सहायिकाओं का कहना है कि जब आपत्तियों का निराकरण हो गया है तो ज्वाइनिंग देने में देरी क्यों लग रही है। उन्होंने कहा कि मात्र एक सहायिका जिस पर कोई आपत्ति नहीं लगी थी। उक्त सहायिका को आनन-फानन में ज्वानिंग मिली है। वहीं दूसरी तरफ मात्र एक सहायिका को सारनी के वार्ड क्रमांक एक में ज्वाइन मिली है। चयनित 71 सहायिका ज्वानिंग की टकटकी लगाई बैठी है। इस मामले जिला महिला बाल विकास अधिकारी से चर्चा नहीं हो पाई है।

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