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बाकुड़ पंचायत में आंगनवाड़ी भवन निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, ठेकेदार और पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों का गबन


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31/07/2025 9:55 PM Total Views: 363400

बैतूल/सारनी। जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बाकुड़ में एक बड़ी भ्रष्टाचार की घटना सामने आई है, जिसने क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 11 लाख 22 हजार रुपये की स्वीकृति से बने आंगनवाड़ी भवन के निर्माण में मात्र गड्ढा खोदने का काम हुआ है, जबकि लाखों रुपये मटेरियल बिलों के नाम पर निकाले जा चुके हैं। जांच में यह बात साफ हो गई है कि बिलों का भुगतान बिना किसी ठोस निर्माण कार्य के ही ठेकेदारों और पंचायत अधिकारियों के आपसी मिलावट के जरिए कर दिया गया है।

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कागजों पर बना आंगनवाड़ी, मौके पर सिर्फ गड्ढा

स्थानीय ग्रामीणों और जांचकर्ताओं के सामने आए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जहां भारी धनराशि खर्च करने का दावा किया गया है, वहां मात्र खोदे गए गड्ढे की तस्वीरें हैं। इस वीडियो में दिखाया गया है कि सीमेंट, गिट्टी, रेत, ईंट, तथा लोहा की खरीदी का बिल दिया गया, लेकिन इन सामग्री का सही उपयोग या तो बिल्कुल नहीं हुआ या अत्यंत सीमित स्तर पर हुआ है।

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लाखों के मटेरियल बिल, निर्माण सामग्री गायब

विवरण के अनुसार, आंगनवाड़ी भवन के निर्माण में सीमेंट के लिए 66 हजार रुपये, गिट्टी के लिए 21 हजार रुपये, ईंट और रेत के लिए 60 हजार रुपये और लोहे के लिए 82 हजार रुपये बिल के रूप में भुगतान किए गए हैं। हालांकि बिल की इन रकमों का कोई प्रमाणिक उपयोग स्थल पर देखने को नहीं मिलता।

ठेकेदारों के माध्यम से होता है निर्माण, भ्रष्टाचार की जड़

ग्रामीण निवासियों के मुताबिक ग्राम पंचायत बाकुड़ में सीधे तौर पर निर्माण कार्य नहीं किया जाता, बल्कि ठेकेदारों के माध्यम से काम कराया जाता है। भ्रष्टाचार के इस खेल में ठेकेदार न केवल निर्माण सामग्री व मजदूरी के पैसों में भारी घोटाला करते हैं, बल्कि पंचायत के अधिकारी भी इस गफलत में उनका साथ देते हैं। पैसों की होड़ में गुणवत्ता, सही मात्रा और कार्य की प्रामाणिकता पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।

सचिव ने बंद किया फोन, झाड़ा पल्ला

इस मामले में जब ग्राम पंचायत सचिव सुरेन्द्र मर्सकोले से संपर्क किया गया, तो उन्होंने संवाद से इन्कार करते हुए अपना फोन बंद कर लिया, जिससे भ्रष्टाचार के इस बड़े कांड की छानबीन और भी संदिग्ध नजर आने लगी है।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार

अब सवाल उठता है कि जिले के उच्च अधिकारियों द्वारा इस मामले को कितनी गंभीरता से लिया जाएगा और भ्रष्टाचार की इस घोटाले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी या नहीं। यह घोटाला दिखाता है कि कैसे योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। बाकुड़ पंचायत कि जनता इस बात पर निगाह रखे हुए है कि प्रशासन इस मुद्दे पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ एतद कार्यवाही करे।

इनका कहना है:—

  • अगर फर्जी बिल या बगैर निर्माण के बिल लगे है तो मैं जांच कराती हु।

तीजा पवार, घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत सीईओ

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