नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
सारणी में खूनी रात! रहस्यमय वन्यजीव का आतंक, एक साथ 8 बकरियां ढेर, मचा हाहाकार! वन विभाग बेखबर! – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

सारणी में खूनी रात! रहस्यमय वन्यजीव का आतंक, एक साथ 8 बकरियां ढेर, मचा हाहाकार! वन विभाग बेखबर!


WhatsApp Icon

16/04/2025 9:42 PM Total Views: 463662

बैतूल/सारणी। सारणी में बुधवार की रात दहशत की रात साबित हुई! वार्ड क्रमांक 28 में अज्ञात वन्यजीव ने दिनु गोहे के घर में घुसकर बकरियों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें 8 बेजुबान बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हैं। इसके साथ ही एक मुर्गी भी मार दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

पार्षद ने दी सूचना, वन विभाग की नींद टूटी?

वार्ड क्रमांक 28 की पार्षद बेबी बिंझाड़े को घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खानापूर्ति करते हुए कार्रवाई में जुट गई। क्या वन विभाग पहले से सो रहा था?

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

पशु चिकित्सक ने किया पोस्टमार्टम, सच्चाई आएगी सामने?

पशु चिकित्सक डॉ कीर्ति ठाकुर भी घटना स्थल पर पहुंचे और मृत बकरियों का पोस्टमार्टम किया, ताकि पता चल सके कि उन्हें किस जानवर ने मारा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि यह हमला बाघ, तेंदुआ या किसी और वन्यजीव ने किया है।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

जंगल के करीब घर, वन्यजीवों का खतरा?

सतपुड़ा बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसाइटी के अध्यक्ष आदिल खान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जहां घर मौजूद है, उसके पीछे घना वन क्षेत्र है। कई बार वन्य प्राणियों द्वारा इस तरह एक साथ अनेकों जानवरों को मार दिया जाता है। जिन बकरियों को मारा गया है, वे सभी घर के पीछे मौजूद जंगल से लगे बाड़े में बंधी हुई थीं। क्या वन विभाग जंगली जानवरों को रोकने में नाकाम है?

 

कागजी कार्यवाही और अंतिम संस्कार, इंसाफ कब?

वन विभाग द्वारा कागजी कार्यवाही के बाद दोपहर में मृत पशुओं का नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा? क्या वन विभाग भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? इस खूनी रात के जिम्मेदार कौन हैं?

इनका कहना:- 

  • बकरियों को अज्ञात जीव द्वारा मारा गया है, बकरियों की पसलियाँ टूटी हुई थी, शरीर पर हमले के निशान और घाव पाए गए। चार बड़ी बकरी व चार छोटी बकरी को मारा है, गंभीर रूप से घायल दो बकरियों का उपचार किया जा रहा है।

कीर्ति ठाकरे, पशु चिकित्सक, पशु चिकित्सालय पाथाखेड़ा।

  • सारनी क्षेत्र जंगल के बीच मौजूद है जिस वजह से वन्यजीवों का मूवमेंट रहता है, पशुपालक, पशुओं को रात में सुरक्षित बाड़ो में रखे जहाँ कोई अन्य जीव ना घुस पाए एवं संभव हो तो पशुओं को बाड़े के अंदर बाँधे नहीं ।

आदिल खान, अध्यक्ष, सतपुड़ा बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसाइटी।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930