नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
बैतूल जेल में तनाव और आत्महत्या का मामला: जिला जेल अधीक्षक के कारनामों पर उठे सवाल – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

बैतूल जेल में तनाव और आत्महत्या का मामला: जिला जेल अधीक्षक के कारनामों पर उठे सवाल


WhatsApp Icon

12/01/2025 1:30 PM Total Views: 363474

बैतूल। चर्चा का विषय बने जिला जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी की कार्यशैली के चलते बैतूल जेल में एक बंदी ने आत्महत्या की है। सूत्रों के अनुसार, विचाराधीन बंदी संदीप उर्फ गोलू उर्फ मोटू उम्र 28 वर्ष, निवासी आठनेर, 18 दिसंबर 2024 को नाबालिग से रेप के आरोप में जेल आया था, जोकि बैरक नंबर- 2 में  बंद था। जिसने शनिवार और रविवार की रात्रि को बैरक के बथरूम कि छत पर लगे बाल्ली में बांधकर धोती नुमा कपड़े से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे अधीक्षक की कथित प्रताड़ना के कारण इतना मानसिक तनाव हुआ कि उसने यह अत्यंत दुखद कदम उठाने का निर्णय लिया। घटनाक कि जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई मौके पर पहुंचे पुलिस दल ने शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

जेल स्टाफ भी अधीक्षक की कार्यशैली से असंतुष्ट है और नौकरी में भय और दबाव महसूस कर रहा है। हालिया दिनों में 9-10 कर्मचारियों ने छुट्टी न मिल पाने के कारण योगदान नहीं दिया, जो कि अधीक्षक की तानाशाही का एक और उदाहरण है। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है और यदि यह क्रम जारी रहा तो किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

इस स्थिति को लेकर बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन इस पर कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई। तिवारी के विवादास्पद और सख्त रवैये के कारण जेल का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो चुका है। बातचीत में यह भी सामने आया है कि जेल में सुधार की दिशा में सरकार के प्रयासों के बावजूद, ऐसे अधिकारियों के व्यवहार के कारण समुचित कार्यवाही नहीं हो पा रही।

हाल ही में स्थानीय मीडिया में यह भी खबर आई थी कि अधीक्षक ने जेल के अंदर प्राचीन फर्नीचर का गलत इस्तेमाल किया है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। इस संदर्भ में, सरकारी संपत्ति के उपयोग में अनियमितता की भी जांच की जानी चाहिए।

जेल न केवल एक सुधारगृह है, बल्कि वहां बंधियों के सुधार का प्रयास किया जाता है। आत्महत्या की इस घटना ने स्पष्ट किया है कि अधीक्षक के तानाशाही रवैये से जेल का वातावरण नकारात्मक दिशा में जा रहा है। भय और तनाव में जी रहे बंदियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए आवश्यक है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और उचित कदम उठाए जाएं।

इस संपूर्ण घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक प्रभाव और राजनैतिक दबाव के विषय में प्रश्न उठाए हैं और बैतूल जेल की व्यवस्था को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को उजागर किया है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस मसले पर संज्ञान लेगा और उचित कार्रवाई करेगा।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031