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टीआरपी की खातिर भोले बाबा की त्रिशूल यात्रा हुई हाइजैक! श्रद्धालुओं में भड़की नाराजगी – Madhya Pradesh Voice

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टीआरपी की खातिर भोले बाबा की त्रिशूल यात्रा हुई हाइजैक! श्रद्धालुओं में भड़की नाराजगी


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28/12/2024 6:04 PM Total Views: 423787

शिव भक्तों ने कहा –हमें नहीं मालूम कहां से आया “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”

सारनी। पाथाखेड़ा में आयोजित विशाल त्रिशूल यात्रा ने एक नई विवाद को जन्म दिया है, जब टीआरपी के मोहताज रंजीत सिंह ने श्रद्धालुओं की आस्था को ढाल बनाते हुए इस धार्मिक अवसर को अपने राजनीति के खेल में उलझा दिया।

टीआरपी की राजनीति के घेरे में धार्मिक आस्था

शिव भक्तों ने बिना किसी राजनीतिक पहचान के इस त्रिशूल यात्रा का आयोजन किया था, जिसमें आमंत्रण की पोस्टरों में किसी भी व्यक्तिगत नाम का उल्लेख नहीं किया गया था। लेकिन अंतरिम जमानत पर छूट कर आए रंजीत सिंह ने खुद को कार्यक्रम का निवेदक बताकर श्रद्धालुओं की भावनाओं से खेलना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई श्रद्धालु यात्रा से दर किनारा कर गए।

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श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान 

जब रंजीत ने अपनी राजनीति को बढ़ावा देने के लिए त्रिशूल यात्रा की फोटो सोशल मीडिया पर साझा कर आभार व्यक्त किया, तो आयोजनकर्ताओं सहित श्रद्धालु इस कृत्य से आहत हो गए। आयोजनकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के नाम से नहीं, बल्कि सभी शिव भक्तों के सहयोग से आयोजित किया गया था।

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संपूर्ण आयोजन पर उठे सवाल 

समिति ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा, “यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ऐसे व्यक्तियों का इस कार्यक्रम में शामिल होना और अपने आप को निवेदक बताना श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान है।”

भोले बाबा की भक्ति पर पड़े अनावश्यक धब्बे

इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है: क्या धार्मिक आयोजनों को अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए बाधित किया जाना चाहिए? श्रद्धालुओं ने यह संदेश साफ किया है कि भोले बाबा की भक्ति किसी भी प्रकार के राजनीतिक खेल से ऊपर है। ऐसे विवादों से स्पष्ट होता है कि समाज में धार्मिक आयोजनों को राजनीतिक मोहरों में न बदलकर, एकता और श्रद्धा के भाव से चलाने की आवश्यकता है।

इस विवाद के चलते श्रद्धालुओं के बीच बनी असुविधा के लिए समिति ने खेद भी प्रकट किया है, और सभी ने आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एकजुटता दिखाने का संकल्प लिया है।

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