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कलेक्टर साहब — होली के दिन भी सुलगता रहा पाथाखेड़ा: वेतन वसूली और शोषण के खिलाफ ठेका मजदूरों का आंदोलन 5वें दिन भी जारी


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02/03/2026 9:52 PM Total Views: 416888

बैतूल/सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (वेकोलि) पाथाखेड़ा क्षेत्र में ठेका मजदूरों के शोषण और वेतन में कमीशनखोरी के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब एक उग्र और निर्णायक मोड़ ले चुका है। सोमवार को, होली जैसे प्रमुख त्यौहार के दिन भी मजदूरों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। अपने हक की लड़ाई लड़ रहे सैकड़ों मजदूरों ने पांचवें दिन आंदोलन स्थल पर एकजुटता का परिचय देते हुए भंडारे का आयोजन किया और लालची ठेकेदारों की तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

मजदूरों से खुलेआम ‘कमीशन’ की वसूली

इस पूरे विवाद के केंद्र में ठेकेदारों द्वारा की जा रही कथित अवैध वसूली है। मजदूरों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से काम से निकालने की धमकी देकर उनसे वेतन का एक बड़ा हिस्सा वापस ले लिया जाता है। महिलाओं का दर्द है कि लगभग 14,000 रुपये वेतन मिलने के बाद, खौफ दिखाकर उनसे 8,000 रुपये तक वापस ले लिए जाते हैं। 18,000 से 19,000 रुपये के मासिक वेतन में से भी हजारों रुपये की जबरन वसूली की जा रही है। जीएम ऑफिस, अस्पताल, पार्क और रेस्ट हाउस में काम करने वाली महिला ठेका श्रमिकों ने भी इसी तरह के शोषण की शिकायतें की हैं।

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प्रबंधन का रुख और प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

जीएम ऑफिस के मुख्य द्वार पर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच 7 पुरुष और 2 महिला श्रमिकों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रबंधन से मिलने पहुंचा। महिला श्रमिकों ने कार्यस्थल पर हो रहे अत्याचारों और बकाया वेतन की आपबीती सुनाकर प्रशासन को झकझोर दिया।

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शुरुआत में जीएम ऑफिस पाथाखेड़ा के एपीएम ललित प्रकाश तिर्की ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी कि एचपीसी (हाई पावर कमेटी) के नियमों के तहत ठेकेदारों को पूरा वेतन दिया जाता है और यदि मजदूर ‘स्वेच्छा’ से पैसे लौटाते हैं तो इसमें प्रबंधन की कोई गलती नहीं है। मजदूरों ने इसे सिरे से नकारते हुए कहा कि यह ‘स्वेच्छा’ नहीं, बल्कि पूरी तरह से दबाव और भय का परिणाम है।

हालांकि, प्रदर्शन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बाद में एपीएम तिर्की ने ठेकेदारों को ई-मेल और लिखित पत्र के माध्यम से सख्त निर्देश जारी किए कि बकायेदार मजदूरों का पूर्ण वेतन निर्धारित अंतिम तिथि तक उनके खातों में जमा किया जाए।

आंदोलन को मिल रहा चौतरफा समर्थन

ठेकेदारों की इस बेशर्म कार्यप्रणाली के कारण अब कर्मचारियों के परिवार की महिलाओं को भी सड़क पर उतरना पड़ा है। हर ठेकेदार की कमीशनखोरी का मुखौटा उतरने के साथ ही इस आंदोलन को कई संगठनों का खुला समर्थन मिल रहा है। स्थानीय कोयला खदान सेवानिवृत्त कर्मचारी वेलफेयर समिति पाथाखेड़ा क्षेत्र की ड्राइवर यूनियन विभिन्न जिलों से आए यूनियन पदाधिकारी, जो मौके पर पहुंचकर मजदूरों का हौसला बढ़ा रहे हैं।

सीएम हेल्पलाइन (181) पर गुहार और आत्महत्या की चेतावनी

त्यौहार के समय घर चलाना मुश्किल होने के कारण मजदूरों का सब्र अब टूट रहा है। न्याय की उम्मीद में दर्जनों मजदूरों ने कल सीएम हेल्पलाइन 181 का सहारा लिया है और माननीय मुख्यमंत्री से जल्द निराकरण की मांग की है। आक्रोश इस कदर बढ़ गया है कि एक हताश मजदूर ने चेतावनी दी है कि यदि होली से पहले वेतन नहीं मिला, तो वह जीएम ऑफिस के गेट पर आत्महत्या करने को मजबूर होगा।

आंदोलनकारी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो होली के बाद मजदूर अपने परिवारों सहित सीधे जिला कलेक्टर के समक्ष सामूहिक शिकायत दर्ज कराएंगे। फिलहाल पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीनों खदानों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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