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गुरु की शरण में ही है सच्चा सुख: देशराज बाबा जी, क्षेत्र में गूंजे सत्संग और कीर्तन के स्वर – Madhya Pradesh Voice

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गुरु की शरण में ही है सच्चा सुख: देशराज बाबा जी, क्षेत्र में गूंजे सत्संग और कीर्तन के स्वर


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03/01/2026 10:55 AM Total Views: 462913

सारणी। पंजाब के बटाला स्थित सचखंड नानक धाम के प्रमुख संत त्रिलोचन दर्शन दास महाराज के परम शिष्य देशराज बाबा जी एवं दास राजेंद्र जी के सानिध्य में एक दिवसीय भव्य सत्संग, कीर्तन और लंगर प्रसादी का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में बादलपुर, भयायावादी, पहाड़पुर, कालीमाई, पाथाखेड़ा एवं सारणी समेत आसपास के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और गुरु की अमृतवाणी का रसपान किया।

गुरु वाणी से निहाल हुए श्रद्धालु

सत्संग के दौरान देशराज बाबा जी ने संगत को संबोधित करते हुए मानव जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा, “संसार की भागदौड़ में मनुष्य अक्सर ईश्वर को भूल जाता है, लेकिन मन की सच्ची शांति केवल गुरु के चरणों और परमात्मा के सिमरन में ही है। हमें अपने कर्मों को पवित्र रखना चाहिए और दीन-दुखियों की सेवा को ही अपना धर्म मानना चाहिए, क्योंकि सेवा ही ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है।”

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वहीं, दास राजेंद्र जी ने संगत को नाम-सिमरन की महत्ता समझाई। उन्होंने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा, “सतगुरु का ज्ञान ही अज्ञानता के अंधेरे को मिटाता है। हमें आपस में प्रेम और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। सत्संग वह गंगा है जिसमें डुबकी लगाने से पापों का नाश होता है और आत्मा निर्मल होती है।”

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कीर्तन और प्रवचन के उपरांत विशाल लंगर प्रसादी का वितरण किया गया, जिसे सभी श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर ग्रहण किया। गुरु के लंगर ने सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय सेवादारों ने दिन-रात मेहनत की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य रूप से दास योगेश अहिरवार, दास सुरेश जी, दास उमेश बोएरकर, दास बलराम जी, दास दिलीप, चंद्रशेखर अहिरवार एवं समस्त सहयोगी मंडल का विशेष योगदान रहा। क्षेत्रवासियों ने इस धार्मिक पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने की कामना की।

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