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‘नल जल’ पर सियासी उबाल: 110 करोड़ के प्रोजेक्ट का 40 लाख है मेंटेनेंस, राशि नहीं मिली तो बंद हो जाएगा प्लांट, विपक्ष कर रहा गुमराह — नपाध्यक्ष – Madhya Pradesh Voice

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‘नल जल’ पर सियासी उबाल: 110 करोड़ के प्रोजेक्ट का 40 लाख है मेंटेनेंस, राशि नहीं मिली तो बंद हो जाएगा प्लांट, विपक्ष कर रहा गुमराह — नपाध्यक्ष


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02/12/2025 9:50 PM Total Views: 461009

कांग्रेस की भूख हड़ताल के दूसरे दिन नपा अध्यक्ष पर तीखा हमला, जनता बोली- ‘चुनाव में पैर छुए, अब दर्शन दुर्लभ’

सारणी। नगर पालिका परिषद सारणी में ‘नल-जल योजना’ की सुगमता अब सियासत के शोर में दबती नजर आ रही है। पानी के कनेक्शन के नाम पर 4000 रुपये की कथित वसूली के विरोध में कांग्रेस द्वारा शुरू की गई तीन दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही। धरना स्थल पर माहौल तब गरमा गया जब आंदोलनकारियों ने नपा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को ‘निष्ठुर’ बताते हुए उन पर जनता से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया।

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“चुनाव में सेवक, कुर्सी मिलते ही शासक?”

भूख हड़ताल पर बैठे कांग्रेसियों और स्थानीय नागरिकों का आक्रोश नपा अध्यक्ष के खिलाफ स्पष्ट दिखाई दिया। जनता का कहना है कि “यही वह अध्यक्ष हैं, जो पिछले चुनाव में घर-घर जाकर बड़े-बुजुर्गों के पैर छूते थे और कर्म-धर्म से सेवा की कसमें खाते थे। लेकिन आज जब जनता पर नल-जल योजना के नाम पर 4000 रुपये का आर्थिक बोझ (गाज) गिरा है, तो इनके दर्शन तक दुर्लभ हो गए हैं।”

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आरोप है कि अध्यक्ष ने हड़ताल पर बैठी महिलाओं और बुजुर्गों से मिलना तो दूर, झूठे मुंह दिलासा देना भी मुनासिब नहीं समझा। कांग्रेस ने इसे 110 करोड़ रुपये के ठेके में अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की मिलीभगत और भ्रष्टाचार करार दिया है। विपक्ष का दावा है कि यह राशि अवैध रूप से वसूली जा रही है। जनता अब भाजपा को अध्यक्ष के रवैये के कारण ‘कूटनीति वाली पार्टी’ कहकर तंज कस रही है।

“विपक्ष का काम चिल्लाना, हमारा काम पानी पिलाना”

विपक्ष के इन तीखे हमलों के बीच नगर पालिका अध्यक्ष ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि 4000 रुपये की राशि कोई अवैध वसूली नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश नगरीय विकास निगम की गाइडलाइन और परिषद में सर्वसम्मति से पारित निर्णय है।

अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “हम जनता के हित में काम कर रहे हैं। विपक्ष का काम बिना उचित कारण के चिल्लाना है, शायद वे नहीं चाहते कि जनता को शुद्ध पेयजल मिले। सारणी में इतना बड़ा प्लांट लगा है, जिसका मासिक मेंटेनेंस खर्च 40 लाख रुपये आ रहा है। यदि जलकर और शुल्क जमा नहीं हुआ, तो भविष्य में प्लांट बंद करने की नौबत आ सकती है।”

क्या है 4000 रुपये का गणित?

नपा अध्यक्ष ने 4000 रुपये के शुल्क का विस्तार से ब्यौरा देते हुए बताया कि 1300 रुपये: कनेक्शन चार्ज, 1700 रुपये: मीटर का शुल्क, 1000 रुपये: अमानत राशि (सिक्योरिटी) कुल: 4000 रुपये है, इसमें से 2700 रुपये (मीटर + अमानत राशि) रिफंडेबल हैं। जब भी उपभोक्ता कनेक्शन कटवाएंगे, उन्हें यह राशि वापस कर दी जाएगी।

“पिछली परिषद के पाप हम क्यों धोएं?”

नपा अध्यक्ष ने बताया कि 90% नल कनेक्शन पिछली परिषद के कार्यकाल में हुए थे, जो 5 साल तक कांग्रेस के पास थी। अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि “पिछली परिषद ने जनता को नियमों की जानकारी क्यों नहीं दी? हो सकता है कि ठेकेदारों के आदमियों ने ‘फ्री कनेक्शन’ का झूठ बोला हो, लेकिन हमारे किसी कर्मचारी ने ऐसा नहीं कहा। हमारी परिषद ने तो बंद पड़े काम को चालू करवाकर घर-घर जल पहुँचाया है, जिससे जनता खुश है।” फिलहाल, जनता द्वारा दिए गए ज्ञापनों को नगर पालिका प्रशासन ने शासन की ओर अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दिया है।

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