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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कड़ा रुख: बैतूल-भोपाल हाईवे की जर्जर हालत पर PD और RO जवाबदेह, बारिश में हो रहा निर्माण


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01/11/2025 4:50 AM Total Views: 491873

बैतूल। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे की अत्यंत जर्जर हालत पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस सड़क की खराब स्थिति के लिए सीधे तौर पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD) और रीजनल ऑफिसर (RO) को जवाबदेह ठहराया जाएगा। गडकरी ने कहा है कि अगर खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, तो संबंधित अधिकारियों के प्रदर्शन का ऑडिट किया जाना चाहिए और उनकी पदोन्नति रोकी जानी चाहिए।

CII कार्यक्रम में मंत्री ने उठाई सड़क की गुणवत्ता का मुद्दा:

यह बयान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने 28 अक्टूबर को औद्योगिक संगठन CII के एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जिसका वीडियो शुक्रवार, 31 अक्टूबर को सार्वजनिक हुआ। गडकरी ने जोर देकर कहा कि सड़कों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण है और खराब सड़कों पर हो रहे हादसों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के काम का परफॉर्मेंस ऑडिट अनिवार्य है। उन्होंने मंत्रालय के सचिव को बैतूल-भोपाल सड़क की स्थिति को लेकर एक पत्र भी लिखा है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।

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गडकरी के दौरे के दौरान बारिश में हो रहा था सड़क निर्माण, वीडियो वायरल:

दरअसल, 25 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने परिवार के साथ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व आए थे। इसी दौरान, वे बैतूल-भोपाल हाईवे पर बरेठा घाट से गुजरे। वहां के एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं, जिसमें भरी बारिश के बावजूद सड़क का निर्माण कार्य चलता हुआ दिखाई दे रहा था। दावा किया गया था कि मंत्री के दौरे को देखते हुए आनन-फानन में बारिश में ही डामरीकरण का काम शुरू किया गया था। बरेठा घाट की जर्जर सड़कों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिस पर कांग्रेस ने भी मंत्री के काफिले के सामने विरोध प्रदर्शन कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

अधिकारियों को सीधी फटकार, “ठेकेदार से हफ्ता मिल रहा है क्या?”:

गडकरी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि नागपुर से बैतूल के वन क्षेत्र में जाते समय, बैतूल से इटारसी के बीच लगभग 8 किलोमीटर की सड़क वन मंजूरी (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) के कारण बंद थी। उन्होंने कहा कि बैतूल के आगे सड़क की गुणवत्ता बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी। पीडी और आरओ को बुलाकर पूछे जाने पर कि “ये क्वालिटी कैसी है? तुम्हें दिखती नहीं क्या?”, मंत्री ने सीधे तौर पर पूछा, “कॉन्ट्रेक्टर से हफ्ता मिल रहा है क्या?” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण में दस साल की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि (defect liability period) होती है, और इस अवधि में ठेकेदार की बजाय अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में हाईवे की दुर्दशा, टोल वसूली पर भी सवाल:

बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे की दुर्दशा पिछले एक साल से लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे, अधूरा निर्माण कार्य और टोल प्लाजा पर वसूली को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। कांग्रेस ने भी कुंडी टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर टोल वसूली बंद करने की मांग की थी।

गडकरी के दौरे के समय ज्ञापन देने का प्रयास, पर मंत्री नहीं रुके:

25 अक्टूबर को जब केंद्रीय मंत्री गडकरी परिवार सहित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए बैतूल पहुंचे थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें टोल प्लाजा पर ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी। हालांकि, मंत्री के वहां न रुकने के कारण यह संभव नहीं हो सका।

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