नमस्कार मध्यप्रदेश वॉइस न्यूज पोर्टल मे आपका स्वागत हैं, खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे  7489579303, 👉बैतूल जिले के हर तहसील में संवाददाता चाहिए। 📞 संपर्क करें।
फॉलोअप: एमपीपीजीसीएल की 2 एकड़ बेशकीमती जमीन पर पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष का ‘अवैध साम्राज्य’, सिविल विभाग की कार्रवाई महज दिखावा – Madhya Pradesh Voice

Madhya Pradesh Voice

Latest Online Breaking News

फॉलोअप: एमपीपीजीसीएल की 2 एकड़ बेशकीमती जमीन पर पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष का ‘अवैध साम्राज्य’, सिविल विभाग की कार्रवाई महज दिखावा


WhatsApp Icon

07/10/2026 9:45 AM Total Views: 484722

सारनी। एमपीपीजीसीएल (MPPGCL) की बेशकीमती भूमि पर रसूखदारों का अतिक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी और पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष किशोर चौहान का अतिक्रमण अभियान नगर में बेखौफ जारी है। आलम यह है कि महोदय ने पूरे शहर में अपना ‘आलीशान गेस्ट हाउस एम्पायर’ खड़ा कर लिया है। एक या दो नहीं, बल्कि पूरे चार स्थानों पर अतिक्रमण कर उन्होंने अपना जजीरा बना लिया है, जबकि इन अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने वाला एमपीपीजीसीएल का सिविल विभाग मात्र दिखावे और खानापूर्ति की कार्रवाई कर मूकदर्शक बना हुआ है।

चार स्थानों पर फैला है अतिक्रमण का साम्राज्य 

नगर में हर कोई इस बात से भली-भांति वाकिफ है कि किशोर चौहान ने एमपीपीजीसीएल की लगभग 2 एकड़ भूमि पर पूर्णतः अवैध कब्जा जमा रखा है। उनका यह अतिक्रमण मुख्य रूप से चार स्थानों पर फैला हुआ है:

ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

  • पहला अतिक्रमण: मुख्य शॉपिंग सेंटर चौराहे पर स्थित ‘ द चौहान गेस्ट हाउस’।
  • दूसरा अतिक्रमण: शॉपिंग सेंटर में  लेडी कलेक्शन के बाजू में ‘ओम गेस्ट हाउस’।
  • तीसरा अतिक्रमण: एसबीआई (SBI) रोड पर स्थित ‘विशाल गेस्ट हाउस’।
  • चौथा अतिक्रमण: बिजासन मंदिर के पास, मांग मोहल्ले में बना आलीशान मकान।

इन चारों स्थानों में से हर एक जगह पर लगभग आधा-आधा एकड़ एमपीपीजीसीएल कि भूमि पर अवैध कब्जा कर आलीशान निर्माण तान दिए गए हैं।

Read Our Photo Story
यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

Advertisement Image

Advertisement Image

15×20 की दुकान की आड़ में आधा एकड़ पर कब्जा 

पुरानी जानकारियों और नियमों पर गौर करें तो, एमपीपीजीसीएल द्वारा व्यवसाय के लिए मात्र 15×20 वर्गफीट की जगह का ही अलॉटमेंट किया गया था। नियमतः यह आवंटन केवल व्यापारियों के लिए था, किसी भी एमपीपीजीसीएल कर्मचारी को दुकान आवंटित नहीं की जा सकती थी। लेकिन रसूख के चलते इस सेवानिवृत्त कर्मचारी ने सारनी में आवंटित की हुई इन 15×20 की दुकानों को व्यापारियों से खरीद लिया और फिर हर दुकान के पीछे की लगभग आधा एकड़ सरकारी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।

नाले की रिटर्निंग वॉल पर भी तान दिया गेस्ट हाउस 

अतिक्रमण की हद तो तब पार हो गई जब शॉपिंग सेंटर के मुख्य नाले की रिटर्निंग वॉल (सुरक्षा दीवार) के ऊपर भी धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर डाला गया। नाले की जमीन को भी नहीं बख्शा गया और वहां सभी सुख-सुविधाओं से लैस एक आलीशान गेस्ट हाउस खड़ा कर दिया गया है।

निरंतर जारी है नया निर्माण, एसबीआई रोड पर बन रहा स्वागत द्वार 

किशोर चौहान का यह अतिक्रमण का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। वर्तमान में एसबीआई रोड पर स्थित विशाल गेस्ट हाउस के पीछे नल से लेकर मुख्य सड़क तक एक आलीशान स्वागत द्वार का निर्माण किया जा रहा है और गेस्ट हाउस को और अधिक फैलाया जा रहा है। सरेआम हो रहे इस निर्माण के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए है।

सिविल विभाग की भूमिका पर उठते गंभीर

सवाल दिखावे की कार्रवाई करने पहुंचने वाला एमपीपीजीसीएल का सिविल विभाग हर बार जांच के नाम पर महज औपचारिकता निभाता है। विभागीय अमला मौके पर पहुंचता है, केवल 15×20 की मूल आवंटित दुकान का किराया और कागजात देखता है और वापस लौट आता है। बड़ा सवाल यह है कि सिविल विभाग उस मुख्य मुद्दे पर कार्रवाई करने से क्यों हिचकिचा रहा है, जो वास्तव में किशोर चौहान द्वारा आधा-आधा एकड़ में फैलाया गया है? आखिर किसके दबाव में 2 एकड़ सरकारी जमीन पर हुए इस विशालकाय अतिक्रमण को अनदेखा कर विभाग सिर्फ 15×20 की फाइल में उलझा हुआ है?

अब देखना यह है कि ‘मध्यप्रदेश Voice’ द्वारा इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रबंधन इस रसूखदार अतिक्रमणकारी पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई करता है, या फिर सिविल विभाग की मिलीभगत से यह ‘कब्जा राज’ ऐसे ही फलता-फूलता रहेगा।

इनका कहना है 

एसबीआई रोड पर विशाल गेस्ट हाउस के पीछे जो अतिक्रमण किया जा रहा है उस विषय पर हमने संबंधित को पत्र भी दिया है और कार्रवाई के लिए राजस्वविभाग व तहसीलदार को भी पत्र भेजा गया है। वह उनकी कार्रवाई करेगी और हम हमारी कार्रवाई करेंगे।

एस.के. लिलोरे, मुख्य अभियंता एमपीपीजीसीएल सारणी

एमपीपीजीसीएल की भूमि पर अगर अतिक्रमण किया गया है तो प्राथमिकता एमपीपीजीसीएल की ही होती है उनके द्वारा ही संबंधित को नोटिस जारी कर कारवाही किया जाता है, उनको अगर राजस्व विभाग के सहयोग की आवश्यकता होगी तो की जाएगी फिर भी मैं एमपीपीजीसीएल द्वारा दिए गए पत्र की जानकारी लेती हूं।

संध्या रावत, तहसीलदार घोड़ाडोंगरी 

एमपीपीजीसीएल के द्वारा राजस्व विभाग को अगर अतिक्रमण के संबंध में संबंध में पत्र भेजा होगा तो इसकी में जानकारी लेता हूं उसके बाद ही कोई उचित कार्रवाई की जाएगी।

आर. प्रपंज, एसडीएम शाहपुर

 

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।


लाइव कैलेंडर

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031